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Jagdalpur Salary Scam: AI uncovers ₹3.40 crore embezzlement; three constables arrested.
जगदलपुर। बस्तर पुलिस के एसपी कार्यालय की वेतन शाखा में करोड़ों रुपये के वित्तीय घोटाले का खुलासा हुआ है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित वित्तीय विश्लेषण और विशेष ऑडिट के बाद सामने आए इस मामले में तीन आरक्षकों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच में करीब 3 करोड़ 40 लाख 68 हजार 204 रुपये के गबन की पुष्टि हुई है। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर कई और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं।
जांच में सामने आया कि सितंबर 2023 से मई 2026 तक वेतन शाखा में पदस्थ कर्मचारियों ने विभागीय पे-रोल सॉफ्टवेयर और सरकारी भुगतान प्रणाली में हेरफेर कर करोड़ों रुपये का गबन किया। फर्जी वेतन देयक तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह किया गया और अतिरिक्त राशि विभिन्न खातों में ट्रांसफर की जाती रही।इस मामले में कोतवाली पुलिस ने आरक्षक गिरीश राय, हेमंत कुमार मैथ्यू और राजकुमार कतलम के खिलाफ अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय की वित्त शाखा को बस्तर पुलिस के वेतन और भत्तों के खर्च में असामान्य वृद्धि दिखाई दी। इसके बाद AI तकनीक की मदद से पिछले दस वर्षों के वित्तीय आंकड़ों का विश्लेषण कराया गया। जांच में कुछ मदों में खर्च सामान्य स्तर से कई गुना अधिक पाया गया। इसी रेड फ्लैग के आधार पर विशेष जांच टीम जगदलपुर पहुंची और पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
मामले की पुष्टि विशेष ऑडिट और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की आपत्तियों के बाद हुई। ऑडिट रिपोर्ट में वेतन भुगतान और वास्तविक राशि के बीच बड़ा अंतर सामने आया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जांच शुरू हुई और डीएसपी सुसंता लकड़ा की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरक्षक गिरीश राय को इस पूरे फर्जीवाड़े का मुख्य सूत्रधार माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2017 में अनुकंपा नियुक्ति के बाद उसे वेतन शाखा में तैनात किया गया था। कंप्यूटर सिस्टम पर अच्छी पकड़ होने के कारण उसने धीरे-धीरे पूरी वेतन प्रक्रिया पर नियंत्रण बना लिया और उसी का फायदा उठाकर वित्तीय अनियमितताओं को अंजाम दिया।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गबन की गई राशि का बड़ा हिस्सा शेयर बाजार में इंट्रा-डे ट्रेडिंग में लगाया गया, जहां भारी नुकसान हुआ। इसके अलावा जगदलपुर में एक व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स के निर्माण में भी रकम लगाए जाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस इन पहलुओं की भी विस्तृत जांच कर रही है।
जांच एजेंसियां आरोपियों के बैंक खाते, ट्रेडिंग अकाउंट, संपत्तियों और डिजिटल रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही हैं। संदिग्ध खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस घोटाले में अन्य कर्मचारी या बाहरी लोग शामिल थे या नहीं।
बस्तर पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में वेतन भुगतान प्रक्रिया में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि हुई है। तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।