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भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के सेक्टर-9 अस्पताल के संभावित निजीकरण के विरोध में संयुक्त ट्रेड यूनियनों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान यूनियन नेताओं ने अस्पताल को बचाने और इसे और बेहतर बनाने की मांग उठाई। साथ ही चेतावनी दी कि यदि निजीकरण की दिशा में कोई कदम बढ़ाया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

स्टील एम्पलाइज यूनियन (इंटक) के महासचिव संजय साहू ने कहा कि सेक्टर-9 अस्पताल कभी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सबसे बेहतरीन अस्पतालों में गिना जाता था। यहां की चिकित्सा सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर आज भी उत्कृष्ट हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल का बर्न यूनिट और अन्य विशेष चिकित्सा इकाइयां अब भी प्रदेश की सबसे बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं में शामिल हैं।

संजय साहू ने कहा कि संयुक्त ट्रेड यूनियनों की मांग है कि अस्पताल का निजीकरण करने के बजाय इसे आधुनिक सुविधाओं से और सशक्त बनाया जाए। उनका कहना था कि यह अस्पताल हजारों कर्मचारियों, उनके परिवारों और आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है, इसलिए इसकी सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखना जरूरी है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि अस्पताल के निजीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई तो सभी संयुक्त ट्रेड यूनियनें एकजुट होकर इसका पुरजोर विरोध करेंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा और कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष होगा।

हिंद मजदूर सभा छत्तीसगढ़ के कार्यवाहक अध्यक्ष एच.एस. मिश्रा ने कहा कि श्रद्धालु आस्था के साथ मंदिर में दान देते हैं, लेकिन यदि उस दान का दुरुपयोग या चोरी होती है तो यह धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला मामला है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन को जानबूझकर मौन रखा गया ताकि अस्पताल और मंदिर आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उनके अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने भगवान हनुमान से प्रार्थना की है कि जो भी लोग इस कथित कृत्य में शामिल हैं, उन्हें उनके कर्मों का उचित फल मिले।