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Major fraud under the Mahtari Vandan Yojana: 980 sacks of fertilizer issued using the biometrics of 113 women.
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में महतारी वंदन योजना के नाम पर महिलाओं के बायोमेट्रिक डेटा के कथित दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि ई-केवाईसी कराने के बहाने 113 महिलाओं के अंगूठे और अंगुलियों के निशान लेकर उनके नाम पर फर्जी तरीके से 980 बोरी खाद जारी कर दी गई। शिकायत के बाद पुलिस ने सीएससी संचालक और उसके भाई के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामला राजपुर विकासखंड के ग्राम कुंदीकला का है। ग्रामीणों की शिकायत के अनुसार, महतारी वंदन योजना की ई-केवाईसी कराने के नाम पर महिलाओं से आधार कार्ड और बायोमेट्रिक जानकारी ली गई। बाद में इसी बायोमेट्रिक का इस्तेमाल कर उनके नाम पर 926 बोरी यूरिया और 54 बोरी डीएपी खाद जारी करा ली गई। महिलाओं को इस पूरी प्रक्रिया की कोई जानकारी नहीं थी।
ग्रामीणों ने 25 जून 2026 को प्रशासन से शिकायत की थी। उनका कहना था कि फर्जी तरीके से खाद उठाए जाने के कारण वास्तविक किसानों को खाद मिलने में परेशानी हो रही है। शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले की जांच कराई।
नायब तहसीलदार की जांच में प्रारंभिक तौर पर शिकायत सही पाई गई। जांच रिपोर्ट के अनुसार, अनुराग कृषि केंद्र की डीलरशिप विनोद सांडिल्य के नाम पर है। आरोप है कि विनोद सांडिल्य ने अपने भाई और सीएससी संचालक दीपक कुमार सांडिल्य के माध्यम से महिलाओं के बायोमेट्रिक का इस्तेमाल कर खाद जारी कराई।
प्रकरण सामने आने के बाद पुलिस ने सीएससी संचालक दीपक कुमार सांडिल्य और उसके भाई विनोद सांडिल्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि फर्जी तरीके से जारी की गई खाद का उपयोग कहां हुआ और इस पूरे मामले में अन्य लोगों की भी भूमिका है या नहीं।
साइबर विशेषज्ञ मोहित साहू ने लोगों से अपील की है कि किसी भी योजना के तहत बायोमेट्रिक देते समय पूरी जानकारी जरूर लें। उन्होंने सलाह दी कि आधार कार्ड का बायोमेट्रिक लॉक फीचर सक्रिय रखें और जरूरत पड़ने पर ही उसे अस्थायी रूप से अनलॉक करें। काम पूरा होने के बाद तुरंत दोबारा लॉक कर दें, ताकि बायोमेट्रिक का दुरुपयोग न हो सके।