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Justice Krishna Ram Mohapatra assumed office as the 16th Chief Justice of the Chhattisgarh High Court.
नए चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र ने सोमवार को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के 16वें चीफ जस्टिस के रूप में अपना पदभार ग्रहण कर लिया। हाई कोर्ट में आयोजित कार्यक्रम में चीफ जस्टिस ने कहा, कि सभी के सहयोग से न्याय देने की जिम्मेदारी और प्रभावी ढंग से निभाएंगे। उन्होंने कहा, कि वे स्वागत के इन शब्दों को केवल तारीफ नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी के रूप में लेते हैं। भगवान जगन्नाथ की पावन भूमि ओडिशा से मां महामाया की पवित्र भूमि छत्तीसगढ़ आना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने भरोसा जताया, कि सबके सहयोग से हाई कोर्ट न्याय देने की अपनी जिम्मेदारी को और बेहतर ढंग से निभाएगा।
कार्यक्रम की शुरुआत में जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू ने नए चीफ जस्टिस का स्वागत किया और उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, कि चीफ जस्टिस के नेतृत्व में हाई कोर्ट की समृद्ध परंपरा और आगे बढ़ेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी जज और न्यायिक परिवार मिलकर संस्था की गरिमा, क्षमता और प्रतिष्ठा को मजबूत करेंगे। समारोह में महाधिवक्ता और अधिवक्ता संघ की ओर से भी नई जिम्मेदारी के लिए चीफ जस्टिस को शुभकामनाएं दी गईं।
आपको बता दें, कि नए चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र का जन्म 18 अप्रैल 1965 को हुआ था। उन्होंने बी.ए. और एलएलबी की पढ़ाई की है। वे स्वर्गीय जस्टिस सारत चंद्र महापात्र के बेटे हैं। उन्होंने 7 फरवरी 1988 को ओडिशा राज्य बार काउंसिल में बतौर वकील अपना रजिस्ट्रेशन कराया था। उन्होंने सिविल, क्रिमिनल,सेवा और संवैधानिक मामलों में लगभग 26 साल तक वकालत किया है। वे राज्य सरकार और ओडिशा लोक सेवा आयोग के लिए सरकारी वकील भी रहे। इसके अलावा उन्होंने कई बड़े बैंकों और संस्थानों की भी पैरवी की है। 17 अप्रैल 2015 को वे ओडिशा हाई कोर्ट के जज बने थे।