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Kawasi Lakhma granted interim bail in the Raipur liquor scam celebrations in Bastar
रायपुर। में 3,200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री और कोंटा विधायक कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिली। इस फैसले के बाद उन्हें रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा किया गया। लखमा लगभग एक साल 14 दिन से न्यायिक हिरासत में थे। रिहाई की खबर मिलते ही जेल परिसर में समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
रिहाई के मौके पर बस्तर के दलों ने जेल परिसर के बाहर पारंपरिक गोंडी नृत्य किया। ढोल-नगाड़ों और बाजे-गाजे के साथ समर्थकों ने खुशी जताई। उनके स्वागत के लिए बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता राजधानी पहुंचे। रिहाई के दौरान लखमा ने कहा कि वह हमेशा बस्तर की जनता के लिए खड़े रहेंगे और उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुसार, लखमा शराब घोटाले सिंडिकेट की अहम कड़ी थे और उन्हें 70 करोड़ रुपये अवैध रूप से प्राप्त हुए। ईडी का दावा है कि शराब नीति में बदलाव और एफएल-10 लाइसेंस की शुरुआत में लखमा की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
अंतरिम जमानत की शर्तों के तहत लखमा छत्तीसगढ़ की सीमा से बाहर नहीं रह सकते, अपना पासपोर्ट कोर्ट में जमा करेंगे, निवास स्थान की जानकारी देंगे और जांच एजेंसी द्वारा बुलाए जाने पर पूछताछ में उपस्थित होंगे। केवल सुनवाई की तारीखों पर ही रायपुर आ सकेंगे।