

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Kedar Kashyap hits back over the Nakti controversy, says Congress is trying to vitiate the atmosphere.
रायपुर। नकटी गांव भूमि प्रकरण को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच प्रदेश के वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रदेश कार्यालय एकात्म परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि नकटी गांव में भूमि आबंटन की पूरी प्रक्रिया कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई थी, लेकिन अब वही पार्टी लोगों को गुमराह कर सरकार पर निराधार आरोप लगा रही है। प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी और पार्टी प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास भी मौजूद रहे।
केदार कश्यप ने कहा कि नकटी गांव का मामला नया नहीं है। उन्होंने बताया कि 1 सितंबर 2020 को भूमि आवंटन की मांग प्रस्तुत की गई थी, जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी। इसके तहत 15.47 हेक्टेयर भूमि की मांग की गई थी।
उन्होंने बताया कि 9 नवंबर 2020 को इस संबंध में आपत्तियां आमंत्रित की गईं और 4 फरवरी 2021 को सभी संबंधित विभागों से राय मांगी गई। किसी भी विभाग ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज नहीं कराई। इसके बाद 26 जून 2021 को भूमि को आबंटन के लिए प्रस्तावित बताया गया। मंत्री ने कहा कि ऐसे में वर्तमान सरकार पर लगाए जा रहे आरोप तथ्यहीन हैं।
मंत्री कश्यप के अनुसार, भूमि पर कब्जा हटाने की प्रक्रिया भी कांग्रेस शासनकाल में ही शुरू की गई थी। हालांकि, इस दौरान अतिक्रमण लगातार बढ़ता गया। उन्होंने दावा किया कि चिन्हांकन के समय जहां लगभग 3 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण था, वह बाद में बढ़कर 15 हेक्टेयर तक पहुंच गया।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने कानून के तहत कार्रवाई करने की कोशिश की, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने मौके पर पहुंचकर लोगों को भड़काने और विरोध प्रदर्शन कराने का प्रयास किया।
केदार कश्यप ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि भूपेश बघेल सरकार के दौरान ग्राम सेरीखेड़ी में लगभग 150 परिवारों को हटाया गया था। उस समय न तो उनका पुनर्वास किया गया और न ही कोई वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराया गया।
उन्होंने कहा कि इसके विपरीत विष्णुदेव साय सरकार ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए नकटी गांव के प्रभावित परिवारों को नया रायपुर में आवास उपलब्ध कराया, उन्हें मकानों की चाबियां सौंपी गईं और सम्मानपूर्वक नए आवास तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई।
मंत्री ने कांग्रेस के उस आरोप को भी खारिज किया जिसमें कहा गया कि इस भूमि पर विधायकों के आवास बनाए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित भूमि हाउसिंग बोर्ड के लिए प्रस्तावित की गई है और भविष्य में उसका उपयोग किस उद्देश्य से होगा, इसका निर्णय हाउसिंग बोर्ड करेगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पूरे मामले में संवेदनशीलता के साथ काम कर रहे हैं और सरकार की नीति स्पष्ट है कि किसी भी गरीब परिवार के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
प्रेस वार्ता के अंत में केदार कश्यप ने आरोप लगाया कि पुनर्वास की व्यवस्था किए जाने के बावजूद कांग्रेस प्रभावित लोगों को लगातार भड़काने का प्रयास कर रही है और सरकार की मंशा को लेकर भ्रम फैला रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ काम कर रही है तथा प्रभावित परिवारों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।