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Latest News: After victory in Eastern India, BJP eyes seven states for 2027
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनावों में प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद भारतीय जनता पार्टी अब 2027 में होने वाले सात राज्यों के विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुट गई है। पार्टी की रणनीति का केंद्र अब गुजरात, गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे अहम राज्य हैं।
भाजपा नेतृत्व का मानना है कि पूर्वी भारत में मिली सफलता ने पार्टी के संगठनात्मक ढांचे और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व पर जनता के भरोसे को और मजबूत किया है।
चुनावी तैयारियों में जुटा संगठन
पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने आगामी चुनावों को लेकर जमीनी स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। भाजपा सूत्रों के अनुसार, पांच राज्यों के हालिया चुनाव संपन्न होने के बाद अब पूरा फोकस 2027 के विधानसभा चुनावों पर रहेगा।
एक वरिष्ठ पार्टी सूत्र ने कहा, “कुछ राज्यों में संगठनात्मक स्तर पर काम पहले से चल रहा था, लेकिन अब इसे और तेज किया जाएगा। बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की रणनीति बनाई जा रही है।”
मोदी नेतृत्व पर जनता का ‘अटूट विश्वास’
हाल ही में संपन्न चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश के चुनाव परिणामों के बाद भाजपा मुख्यालय में आयोजित विजय समारोह को संबोधित करते हुए नितिन नवीन ने कहा कि चुनाव नतीजों ने यह साबित कर दिया है कि देश की जनता का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अटूट विश्वास कायम है। उन्होंने कहा कि भाजपा विकास, सुशासन और राष्ट्रवाद के मुद्दों पर जनता के बीच लगातार मजबूत होती जा रही है।
राज्यों के दौरों से मजबूत होगी रणनीति
नितिन नवीन हाल के दिनों में गोवा, गुजरात और उत्तर प्रदेश का दौरा कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बंद कमरे में बैठकें कर आगामी चुनावों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। सूत्रों के अनुसार, वह जल्द ही उत्तराखंड का दौरा करेंगे, जहां संगठन को और मजबूत करने की योजना बनाई जा रही है।
किन राज्यों में किसकी सरकार
वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी की सरकार उत्तर प्रदेश, गुजरात, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में है। वहीं आम आदमी पार्टी पंजाब में सत्ता में है, जबकि हिमाचल प्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सरकार है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 के चुनाव भाजपा के लिए केवल सत्ता बचाने का नहीं, बल्कि नए क्षेत्रों में राजनीतिक पकड़ और मजबूत करने का बड़ा अवसर साबित हो सकते हैं।