

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Latest News: Automobile dealers launch major campaign amidst E20 fuel controversy; accurate information to be disseminated nationwide.
नई दिल्ली। भारत में E20 (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और बढ़ती चर्चाओं के बीच देशभर के ऑटोमोबाइल डीलर्स ने उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य वाहन मालिकों तक E20 फ्यूल से जुड़ी तथ्यात्मक जानकारी पहुंचाना और भ्रम दूर करना है।
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) और विभिन्न वाहन निर्माता कंपनियों के सहयोग से हजारों शोरूम और सर्विस सेंटरों में पोस्टर, बैनर और सूचना सामग्री प्रदर्शित की जा रही है। इनमें स्पष्ट रूप से बताया जा रहा है कि E20 के लिए प्रमाणित (Compatible) वाहनों में E20 फ्यूल का उपयोग पूरी तरह सुरक्षित है।
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर E20 फ्यूल को लेकर इंजन खराब होने, माइलेज घटने और पुराने वाहनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने जैसे कई दावे वायरल हुए। इन दावों के कारण उपभोक्ताओं में भ्रम की स्थिति बनी, जिसके बाद ऑटो डीलर्स ने ग्राहकों की शंकाओं का समाधान करने और सही जानकारी उपलब्ध कराने के लिए यह राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया।
FADA के अनुसार, उसके नेटवर्क से जुड़े हजारों डीलरशिप में अब तक E20 फ्यूल के कारण इंजन खराब होने का कोई प्रमाणित मामला सामने नहीं आया है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि जिन वाहनों को E20 के लिए प्रमाणित नहीं किया गया है, उनके मालिकों को वाहन निर्माता की सलाह और यूज़र मैनुअल का पालन करना चाहिए।
केंद्र सरकार का कहना है कि E20 फ्यूल के व्यापक उपयोग से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी, किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे और प्रदूषण में भी कमी आएगी। सरकार इसे ऊर्जा सुरक्षा और हरित ईंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानती है।
दूसरी ओर, कुछ उपभोक्ता और विशेषज्ञ पुराने वाहनों की E20 के साथ अनुकूलता तथा माइलेज पर इसके प्रभाव को लेकर सवाल उठा रहे हैं। इसी वजह से E20 को लेकर सार्वजनिक स्तर पर बहस जारी है और लोग अधिक स्पष्ट जानकारी की मांग कर रहे हैं।
सरकार और ऑटोमोबाइल उद्योग का मानना है कि सही जानकारी और जागरूकता के जरिए उपभोक्ताओं के बीच फैले भ्रम को दूर किया जा सकता है। इसी उद्देश्य से देशभर में यह अभियान तेज़ी से चलाया जा रहा है, ताकि वाहन मालिक अफवाहों के बजाय तथ्यात्मक जानकारी के आधार पर अपने वाहन में E20 फ्यूल के उपयोग का निर्णय ले सकें।