

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Tensions rise again over the Strait of Hormuz; Iran and the US face off; Indian sailors missing.
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर गहरा गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों के बीच बढ़े टकराव के बीच ईरान ने ओमान तट के पास एक कारोबारी जहाज पर ड्रोन हमला किया। इस घटना में जहाज पर सवार 10 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक भारतीय नाविक अब भी लापता बताया जा रहा है। भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि ओमान स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है और बचाव अभियान पर नजर बनाए हुए है। भारत ने नागरिक जहाजों और समुद्री बुनियादी ढांचे पर हो रहे हमलों को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए इन्हें तुरंत रोकने की अपील की है। साथ ही ओमान सरकार का राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया गया।
तनाव के बीच ईरान ने ओमान, जॉर्डन, बहरीन, कतर और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर ड्रोन दागे। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य उसके लिए रणनीतिक महत्व रखता है और वहां से जहाजों की आवाजाही उसकी शर्तों के अनुसार ही होगी।
ईरानी कार्रवाई के जवाब में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के 140 ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि इस कार्रवाई में कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें बुशहर क्षेत्र, केश्म द्वीप, बंदर अब्बास और जास्क बंदरगाह भी शामिल बताए गए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुला है और ईरान इसे बंद नहीं कर सकता। दूसरी ओर ईरान का कहना है कि इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही पर उसका नियंत्रण रहेगा और भविष्य की रणनीति उसके राष्ट्रीय हितों के अनुसार तय होगी।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि होर्मुज को लेकर तनाव और बढ़ता है तो ईरान लाल सागर के बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर भी दबाव बनाने की कोशिश कर सकता है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और दुनिया के लगभग 10 प्रतिशत कच्चे तेल का परिवहन इसी रास्ते से होता है।
इजराइल ने भी ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उसने क्षेत्र में तनाव बढ़ाने और अपने सहयोगी संगठनों को सक्रिय करने की कोशिश जारी रखी तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इजराइली सेना ने कहा कि वह किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है। दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल का परिवहन इसी रास्ते से होता है। ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव केवल क्षेत्रीय सुरक्षा ही नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए भी चिंता का विषय बन गया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों देशों से संयम बरतने और विवाद का समाधान कूटनीतिक माध्यमों से निकालने की अपील कर रहा है।