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Latest News: Major action in liquor, coal levy, and custom milling case; Congress leader Ramgopal Agrawal in EOW custody.
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग मामलों में बड़ा अपडेट सामने आया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामगोपाल अग्रवाल आज बुधवार को आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) कार्यालय पहुंचे। रामगोपाल अग्रवाल पिछले करीब तीन वर्षों से जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बीच सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए थे। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और EOW लंबे समय से उनकी तलाश कर रहे थे।
मंगलवार को EOW ने रामगोपाल अग्रवाल के बेटे वैभव अग्रवाल से कस्टम मिलिंग मामले में लंबी पूछताछ की थी। इसके अगले ही दिन समन मिलने पर रामगोपाल अग्रवाल स्वयं EOW कार्यालय पहुंचे। जांच एजेंसी उनसे विभिन्न मामलों में पूछताछ कर सकती है।
EOW के अनुसार, वर्ष 2015 से 2023 के बीच धान की कस्टम मिलिंग के लिए राइस मिलर्स को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि के भुगतान में कथित अनियमितताएं हुईं। जांच एजेंसी का दावा है कि नियमों का उल्लंघन कर चुनिंदा राइस मिलर्स को लाभ पहुंचाया गया, जिससे करीब 127 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। मामले में अधिकारियों, राइस मिलर्स और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच जारी है।
कथित कोल लेवी मामले में ED और EOW का आरोप है कि वर्ष 2020 से 2022 के बीच कोयला परिवहन से जुड़े कारोबारियों से प्रति टन अवैध वसूली की गई। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस नेटवर्क के माध्यम से करीब *540 करोड़ रुपये* की अवैध लेवी वसूली गई। इस मामले में कई आईएएस अधिकारी, कारोबारी, बिचौलिए और राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं।
छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले को राज्य के सबसे बड़े आर्थिक मामलों में माना जाता है। ED और EOW के अनुसार, वर्ष 2019 से 2022 के बीच सरकारी शराब बिक्री व्यवस्था में कथित सिंडिकेट बनाकर अवैध शराब की बिक्री, कमीशनखोरी और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क में करीब 3,200 करोड़ रुपये की अनियमितता हुई। मामले में कई अधिकारियों, कारोबारियों और राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच चल रही है।
शराब, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े सभी मामलों की जांच फिलहाल ED और EOW द्वारा की जा रही है। इन मामलों में लगाए गए आरोपों पर अभी न्यायिक स्तर पर अंतिम पुष्टि नहीं हुई है और जांच तथा अदालती प्रक्रिया जारी है।