

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Latest News: Supreme Court strict on CCTV surveillance in police stations, summons Union Home Secretary
नई दिल्ली। देशभर के पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना और उनकी प्रभावी निगरानी में खामियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने इस मामले में केंद्रीय गृह सचिव को तलब करते हुए जवाब मांगा है।
निगरानी व्यवस्था पर उठाए सवाल
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि कई राज्यों में अब तक सीसीटीवी कैमरों के लिए केंद्रीकृत डैशबोर्ड और मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित नहीं हो सका है। यह मामला पुलिस हिरासत में मौत से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान सामने आया।
केरल मॉडल की सराहना
अमिकस क्यूरी वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने कोर्ट को बताया कि केरल, मध्य प्रदेश और राजस्थान में सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था अपेक्षाकृत बेहतर है। विशेष रूप से केरल में अधिकारी मोबाइल के जरिए रियल-टाइम में थानों की निगरानी कर सकते हैं। इस पर कोर्ट ने सवाल उठाया कि केरल का यह मॉडल पूरे देश में क्यों नहीं लागू किया जा सकता।
देशभर में 93% थानों में लगे कैमरे
गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के अनुसार देश के 17,798 थानों में से 16,550 (करीब 93%) में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं। हालांकि झारखंड और बिहार जैसे राज्यों में करीब 1,200 थानों में यह काम अब भी जारी है।
लाइव मॉनिटरिंग और सुरक्षा चुनौती
कोर्ट ने यह भी माना कि सबसे बड़ी चुनौती इन कैमरों को लाइव डैशबोर्ड से जोड़ने और डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करने की है। विशेष रूप से विदेशी उपकरणों से जुड़े संभावित सुरक्षा जोखिमों पर भी चिंता जताई गई।