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Latest News: Tamil Nadu CM Vijay writes to PM Modi, demanding abolition of import duty on cotton
चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कपास पर लगाए गए आयात शुल्क को समाप्त करने की मांग की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का टेक्सटाइल और परिधान उद्योग कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के कारण गंभीर संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से मौजूदा 11 फीसदी आयात शुल्क को घटाकर शून्य करने की अपील की है।
कपास और धागे की बढ़ती कीमतों से उद्योग पर संकट
सीएम विजय ने अपने पत्र में कहा कि घरेलू कपास उत्पादन में कमी और ऊंची कीमतों के चलते कपड़ा निर्माताओं को भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि पिछले दो महीनों में कपास की कीमत 54,700 रुपये प्रति कैंडी से बढ़कर 67,700 रुपये प्रति कैंडी हो गई है, यानी करीब 25 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं धागे की कीमतें भी 301 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 330 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं।
लाखों मजदूरों की रोजी-रोटी पर असर
मुख्यमंत्री ने कहा कि टेक्सटाइल उद्योग केवल व्यापार का विषय नहीं है, बल्कि इससे लाखों लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है। यह क्षेत्र प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार देता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की गई तो उद्योग और रोजगार दोनों प्रभावित होंगे।
“आयात ही अब एकमात्र विकल्प”
विजय ने अपने पत्र में कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में कच्चे माल की निरंतर आपूर्ति केवल आयात के माध्यम से ही संभव है। इसलिए कपास पर लगाए गए आयात शुल्क को हटाना जरूरी हो गया है, ताकि उद्योग को राहत मिल सके और उत्पादन प्रभावित न हो।
2021 में लगाया गया था 11% आयात शुल्क
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने केंद्रीय बजट 2021-22 में सस्ते विदेशी कपास के आयात को रोकने के उद्देश्य से कच्चे कपास पर 11 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया था। हालांकि, बढ़ती औद्योगिक मांग और कम घरेलू उत्पादन को देखते हुए सरकार ने अगस्त 2025 में इस शुल्क में छूट को 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ा दिया था।
भारत में 60 लाख किसान करते हैं कपास की खेती
भारत में लगभग 60 लाख किसान कपास की खेती से जुड़े हुए हैं। ऐसे में कपास की कीमतों और आयात नीति का सीधा असर किसानों और उद्योग दोनों पर पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को किसानों और टेक्सटाइल उद्योग के हितों के बीच संतुलन बनाना होगा।
तमिलनाडु देश का सबसे बड़ा टेक्सटाइल एक्सपोर्टर
तमिलनाडु भारत का सबसे बड़ा टेक्सटाइल और परिधान निर्यातक राज्य है। राज्य की अर्थव्यवस्था में इस सेक्टर की अहम भूमिका है और लाखों लोग प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से इसी उद्योग पर निर्भर हैं।