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Launch of India's first hydrogen train: A major achievement towards clean rail transport.
नई दिल्ली। देश ने स्वच्छ और हरित परिवहन के क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ते हुए शुक्रवार को पहली हाइड्रोजन संचालित ट्रेन का परिचालन शुरू कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जींद रेलवे स्टेशन से जींद-सोनीपत रेलखंड पर चलने वाली इस अत्याधुनिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।इसके साथ ही भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है, जहां हाइड्रोजन तकनीक से ट्रेनें संचालित हो रही हैं। इससे पहले जर्मनी, जापान, अमेरिका और चीन जैसे देशों में इस तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर कहा कि हाइड्रोजन से चलने वाली यह ट्रेन आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया अभियान की सफलता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को मजबूती देने के साथ भारत को हरित रेल तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे वर्ष 2030 तक प्रदूषण मुक्त रेल व्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हाइड्रोजन ट्रेन इसी लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
यह ट्रेन पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित की गई है। इसमें 1200 किलोवाट क्षमता वाली हाइड्रोजन फ्यूल सेल प्रणाली लगाई गई है, जो बिजली का उत्पादन करेगी। हाइड्रोजन आधारित तकनीक होने के कारण यह ट्रेन धुआं नहीं छोड़ेगी और पर्यावरण पर इसका प्रभाव बेहद कम होगा।जींद-सोनीपत के बीच चलने वाली यह ट्रेन करीब 89 किलोमीटर की दूरी लगभग दो घंटे में तय करेगी। रास्ते में यह 12 रेलवे स्टेशनों पर ठहरेगी।
इस ट्रेन के शुरू होने के बाद भारत हाइड्रोजन से संचालित रेल सेवा वाले दुनिया के पांचवें देश के रूप में शामिल हो गया है। यह उपलब्धि भारतीय रेलवे की तकनीकी क्षमता और हरित ऊर्जा की दिशा में बढ़ते कदमों को दर्शाती है।रेलवे का उद्देश्य आने वाले वर्षों में जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करना और ऊर्जा के स्वच्छ विकल्पों को बढ़ावा देना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम के दौरान भारतीय रेलवे के विद्युतीकरण अभियान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रेलवे में विद्युतीकरण की शुरुआत वर्ष 1925 में हुई थी, लेकिन 2014 तक केवल 30 प्रतिशत रेल नेटवर्क ही विद्युतीकृत हो पाया था।उन्होंने कहा कि यदि यही गति बनी रहती तो पूरे रेल नेटवर्क के विद्युतीकरण में सैकड़ों वर्ष लग जाते। लेकिन पिछले वर्षों में तेजी से काम करते हुए देश के करीब 99 प्रतिशत रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है।प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों और ईंधन आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद भारतीय रेल लगातार आगे बढ़ रही है।
प्रधानमंत्री ने ईरान-अमेरिका तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले ऐसी परिस्थितियों में भारत की रेल व्यवस्था प्रभावित हो सकती थी, क्योंकि बड़ी संख्या में ट्रेनें डीजल पर निर्भर थीं।उन्होंने कहा कि अब रेलवे के विद्युतीकरण और वैकल्पिक ऊर्जा तकनीकों के विस्तार से देश अधिक आत्मनिर्भर हुआ है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के तीन रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण भी किया।इनमें बालोद, सरोना और चांपा रेलवे स्टेशन शामिल हैं। रायपुर के सरोना में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका, सांसद बृजमोहन अग्रवाल और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने करीब 15 हजार करोड़ रुपये की आठ विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया।हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ भारतीय रेलवे के लिए केवल एक नई ट्रेन की शुरुआत नहीं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा आधारित भविष्य की ओर बढ़ता हुआ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।