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Lok Sabha MPs suspended: Ruckus in Lok Sabha; Eight opposition MPs suspended for the entire session
नई दिल्ली। नई दिल्ली में बीते मंगलवार को लोकसभा का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। बजट सत्र के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच टकराव इतना बढ़ा कि सदन की संसदीय गरिमा तार-तार हो गई। Lok Sabha MPs suspension का मामला तब सामने आया, जब विपक्षी सांसद वेल में आकर नारेबाजी करने लगे और स्पीकर के आसन की ओर कागज फेंक दिए। इस अव्यवस्था के चलते सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई।
आठ सांसद पूरे सत्र के लिए निलंबित
स्पीकर ओम बिरला ने इसे सदन की अवमानना और गंभीर अनुशासनहीनता बताया। इसके बाद कड़ा रुख अपनाते हुए कांग्रेस के सात और माकपा के एक सांसद को मौजूदा सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया। निलंबित सांसदों में गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, सी किरण कुमार रेड्डी, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, मणिक्कम टैगोर, प्रशांत पडोले, डीन कुंरियाकोस और माकपा के एस वेंकटेशन शामिल हैं।
विवाद की जड़ क्या थी?
विपक्ष का आरोप था कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने का अवसर नहीं दिया जा रहा। वहीं सत्ता पक्ष ने स्पष्ट किया कि स्पीकर पहले ही नियमों के तहत दिशा-निर्देश दे चुके थे। विवाद उस वक्त और बढ़ गया, जब राहुल गांधी कथित तौर पर थल सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे की भारत-चीन संघर्ष से जुड़ी अप्रकाशित पुस्तक का संदर्भ देना चाहते थे, जिसे स्पीकर ने नियम विरुद्ध बताया।
अन्य मुद्दों पर भी बना रहा तनाव
सदन में अमेरिका-भारत व्यापार समझौते और वाराणसी में अहिल्या बाई की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाए जाने जैसे मुद्दों पर भी विपक्ष अड़ा रहा। प्रश्नकाल के दौरान लगातार शोर-शराबा होता रहा, जिससे कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
निलंबन के बाद प्रदर्शन
Lok Sabha MPs suspension के बाद विवाद और गहरा गया। कांग्रेस सांसदों ने राहुल गांधी के नेतृत्व में संसद भवन परिसर में प्रदर्शन किया और इसे विपक्ष को चुप कराने की कार्रवाई बताया। यह पूरा घटनाक्रम संसद में बढ़ते अविश्वास और टकराव को उजागर करता है।