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Major action by Durg Police: More than 15 tonnes of coal seized
दुर्ग। जिले में अवैध संपत्ति कारोबार और आर्थिक अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दुर्ग पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। थाना खुर्सीपार क्षेत्र में पुलिस ने करीब 15.530 टन कोयला जब्त करते हुए फर्जी जीएसटी बिल के जरिए चल रहे अवैध कारोबार का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, एसीसीयू दुर्ग और थाना खुर्सीपार पुलिस की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर खुर्सीपार गेट क्षेत्र में दबिश दी। यहां आरोपी विजय कुमार केसरवानी द्वारा भारी मात्रा में कोयले का अवैध भंडारण कर उसकी चोरी-छिपे बिक्री की जा रही थी।
जांच के दौरान पुलिस ने मौके से लगभग 15.530 टन कोयला, व्यापार में प्रयुक्त कांटा तराजू और संबंधित दस्तावेज जब्त किए। प्रारंभिक तौर पर आरोपी ने खुद को वैध व्यापारी साबित करने के लिए जीएसटी बिल और परिवहन दस्तावेज प्रस्तुत किए, लेकिन पुलिस ने तकनीकी जांच और विभागीय सत्यापन कराया तो बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया।
जीएसटी बिल और अन्य दस्तावेज पूरी तरह कूटरचित और फर्जी पाए गए। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में राजकुमार मिश्रा और सुनील शर्मा की भूमिका रही है। डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल डेटा और वित्तीय लेनदेन की जांच के आधार पर दोनों की संलिप्तता स्पष्ट होने पर उन्हें भी गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने इस मामले में कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है— विजय कुमार केसरवानी (48), राजकुमार मिश्रा (46) और सुनील शर्मा (50)।
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और कोयले के वास्तविक स्रोत, परिवहन नेटवर्क तथा संभावित बड़े गिरोह की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की भी जल्द गिरफ्तारी संभव है।
दुर्ग पुलिस ने कहा है कि आर्थिक अपराधों और अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।