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Major action by ED in DMF scam probe; simultaneous raids across several districts, including Raipur.
रायपुर। जिला खनिज न्यास निधि (DMF) से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आज मंगलवार को छत्तीसगढ़ के कई जिलों में एक साथ छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की। रायपुर, धमतरी, अंबिकापुर, दुर्ग और महासमुंद सहित विभिन्न स्थानों पर ईडी की टीमों ने कारोबारियों, ठेकेदारों और मामले से जुड़े बताए जा रहे व्यक्तियों के ठिकानों पर जांच की। सुबह शुरू हुई कार्रवाई देर शाम तक जारी रही।
सुरक्षा बलों की मौजूदगी में दस्तावेजों की जांच
ईडी अधिकारियों ने सुरक्षा बलों के साथ संबंधित परिसरों में पहुंचकर वित्तीय लेन-देन, बैंक रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की। अधिकारियों ने कई स्थानों से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और कारोबारी रिकॉर्ड की भी पड़ताल की। हालांकि एजेंसी की ओर से कार्रवाई को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।
धमतरी में ठेकेदार दीपेश गांधी के घर दबिश
धमतरी जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित आमापारा वार्ड में ईडी की टीम ने ठेकेदार दीपेश गांधी के निवास पर छापेमारी की। जानकारी के अनुसार छह से अधिक अधिकारी कई घंटों तक घर के भीतर मौजूद रहे और विभिन्न दस्तावेजों की जांच करते रहे। जांच के दौरान परिवार के सदस्यों के मोबाइल फोन भी जांच के लिए अपने कब्जे में लिए गए।
सूत्रों के मुताबिक अधिकारियों ने बैंक लेन-देन, परियोजनाओं से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की पड़ताल की। दीपेश गांधी विभिन्न सरकारी और निजी परियोजनाओं में ठेकेदारी कार्यों से जुड़े रहे हैं।
रायपुर और अंबिकापुर में भी कार्रवाई
रायपुर के वल्लभ नगर स्थित कारोबारी शाश्वत लुणावत के निवास और कार्यालय से जुड़े परिसरों में भी ईडी की टीम पहुंची। यहां दस्तावेजों के साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की गई।
वहीं सरगुजा जिले के अंबिकापुर में पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता से जुड़ी फर्म ‘मानसून एग्रो’ के कार्यालय और अन्य परिसरों में भी जांच एजेंसी ने छापेमारी की। अधिकारियों ने कारोबारी गतिविधियों और वित्तीय लेन-देन से संबंधित दस्तावेजों का परीक्षण किया।
क्या है DMF फंड?
जिला खनिज न्यास निधि (DMF) का गठन खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास और स्थानीय लोगों के कल्याण के उद्देश्य से किया गया था। इस निधि का उपयोग सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास कार्यों में किया जाता है।
फंड के उपयोग को लेकर उठते रहे हैं सवाल
पिछले कुछ वर्षों में DMF फंड के उपयोग को लेकर विभिन्न स्तरों पर सवाल उठते रहे हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि कुछ मामलों में फर्जी भुगतान, अनियमित ठेकों और अन्य वित्तीय गड़बड़ियों के माध्यम से सरकारी धन के दुरुपयोग की संभावना हो सकती है। इन्हीं आरोपों और उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर विभिन्न एजेंसियां जांच कर रही हैं।
अभी तक कोई गिरफ्तारी या बड़ी बरामदगी की पुष्टि नहीं
सूत्रों के अनुसार ईडी की कार्रवाई पहले से दर्ज मामलों और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी सूचनाओं के आधार पर की गई है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं से जुड़े धन का उपयोग नियमों के अनुरूप हुआ या नहीं।
हालांकि अब तक किसी नई गिरफ्तारी, बड़ी बरामदगी या अन्य महत्वपूर्ण कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसी का कहना है कि पूरी प्रक्रिया तथ्यों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है।