

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार
.jpg&w=3840&q=75)
Major action in NEET UG paper leak, Latur coaching centre founder arrested
नई दिल्ली। नीट यूजी पेपर लीक मामले की जांच में बड़ा मोड़ आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने महाराष्ट्र के लातूर स्थित कोचिंग सेंटर के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी के बाद पूरे शिक्षा जगत में हलचल तेज हो गई है।
मोबाइल से मिला लीक पेपर, जांच में खुला बड़ा राज
जांच एजेंसी की छापेमारी के दौरान मोटेगांवकर के मोबाइल फोन से नीट यूजी परीक्षा का लीक प्रश्न पत्र बरामद हुआ है। बताया जा रहा है कि यह प्रश्न पत्र परीक्षा से करीब दस दिन पहले ही उसके पास पहुंच चुका था। मोबाइल से मिले डिजिटल सबूतों के बाद जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई।
संगठित गिरोह से जुड़ाव का आरोप, सीबीआई का बड़ा दावा
सीबीआई अधिकारियों के अनुसार शिवराज मोटेगांवकर इस पूरे पेपर लीक नेटवर्क से जुड़ा एक सक्रिय सदस्य था। आरोप है कि वह उस संगठित गिरोह का हिस्सा था जो नीट यूजी के प्रश्न पत्र और उत्तरों को लीक करने और आगे फैलाने में शामिल था। जांच एजेंसी अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है।
परीक्षा से पहले ही मिल गया था पेपर और उत्तर
जांच में सामने आया है कि मोटेगांवकर को 23 अप्रैल को ही प्रश्न पत्र और उनके उत्तर मिल चुके थे, जबकि परीक्षा बाद में आयोजित हुई थी। आरोप है कि उसने इन प्रश्न पत्रों की हस्तलिखित प्रतियां भी तैयार कराई और बाद में सबूत मिटाने के लिए उन्हें नष्ट कर दिया।
मोबाइल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया, जांच तेज
सीबीआई ने जब्त किए गए मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। एजेंसी का मानना है कि इससे पूरे नेटवर्क और संपर्कों की कड़ियां जुड़ सकती हैं। वहीं इस मामले में अन्य शैक्षणिक संस्थानों और लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
शैक्षणिक संस्थान पर भी कार्रवाई, लेक्चरर निलंबित
इस मामले के असर में पुणे के माडर्न कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स ने भी कार्रवाई की है। कॉलेज प्रशासन ने बॉटनी की लेक्चरर मनीषा मंढारे को निलंबित कर दिया है। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने पर और भी नाम सामने आ सकते हैं।इस पूरे मामले ने एक बार फिर मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।