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Major action taken in Jammu and Kashmir, 5 government employees dismissed for alleged links with terrorists
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति के तहत एक और बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। आतंकियों से संबंध रखने और उनकी मदद करने के गंभीर आरोपों के बाद उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पांच सरकारी कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
नौकरी से निकाले गए इन कर्मचारियों में एक शिक्षक, एक लैब तकनीशियन, एक सहायक लाइन मैन, वन विभाग का एक कर्मचारी और एक चालक शामिल हैं। प्रशासन के मुताबिक, इन सभी पर आतंकवादी संगठनों से सीधे या परोक्ष रूप से जुड़े होने और उन्हें लॉजिस्टिक सपोर्ट देने के पुख्ता सबूत मिले हैं।
संविधान के प्रावधानों के तहत कार्रवाई
उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि यह कार्रवाई संविधान के अनुच्छेद 311(2)(c) के तहत की गई है, जिसके तहत राज्य की सुरक्षा के हित में बिना विभागीय जांच के भी कर्मचारियों को बर्खास्त किया जा सकता है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी कार्रवाइयां
गौरतलब है कि इससे पहले भी जम्मू-कश्मीर प्रशासन आतंकवाद से जुड़े मामलों में कई सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठा चुका है। मनोज सिन्हा लगातार यह स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकारी सेवा में रहते हुए किसी भी तरह की देशविरोधी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सख्त संदेश
इस कार्रवाई को आतंकियों और उनके मददगारों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है कि सरकार अब किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरतेगी। प्रशासन ने साफ किया है कि सुरक्षा एजेंसियों से मिली सूचनाओं के आधार पर आगे भी ऐसे मामलों में कठोर कदम उठाए जाते रहेंगे।