

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

CG News: Major changes in the labor system in Chhattisgarh... Industrial Code 2026 will change the entire working system.
रायपुर। एक बड़ा प्रशासनिक कदम सामने आया है, जहां राज्य सरकार ने औद्योगिक संबंध छत्तीसगढ़ नियम 2026 का प्रारूप जारी कर दिया है। इस नए ढांचे के लागू होते ही वर्षों पुराने और जटिल श्रम कानूनों की जगह एक आधुनिक और एकीकृत प्रणाली लागू होगी, जो उद्योग और श्रमिक दोनों के लिए नई दिशा तय करेगी।
हड़ताल पर सख्ती: अब अचानक काम बंद करना आसान नहीं
नए नियमों के तहत अब किसी भी औद्योगिक संस्थान में कर्मचारी बिना पूर्व सूचना के हड़ताल नहीं कर सकेंगे। उन्हें कम से कम 14 दिन पहले लिखित सूचना देना अनिवार्य होगा। सरकार का मानना है कि इससे उत्पादन पर असर कम होगा और प्रबंधन तथा कर्मचारियों के बीच बातचीत का रास्ता खुलेगा।
तीन पुराने कानून होंगे खत्म, एकीकृत सिस्टम लेगा जगह
इस बदलाव के साथ ही छत्तीसगढ़ औद्योगिक विवाद नियम 1957, व्यावसायिक संघ विनियम 1961 और औद्योगिक नियोजन स्थायी आदेश नियम 1963 जैसे पुराने प्रावधान समाप्त हो जाएंगे। उनकी जगह एक नया समेकित कानूनी ढांचा लागू किया जाएगा, जिससे प्रक्रियाएं सरल और पारदर्शी बनेंगी।
डिजिटल युग की ओर कदम: अब हर प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
औद्योगिक क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए सरकार ने सभी प्रक्रियाओं को डिजिटल करने पर जोर दिया है। ट्रेड यूनियन का पंजीकरण अब पूरी तरह ऑनलाइन होगा। आवेदन से लेकर प्रमाण पत्र जारी होने तक की प्रक्रिया डिजिटल पोर्टल के जरिए पूरी होगी। इसके अलावा समझौते और अन्य जरूरी दस्तावेज भी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से जमा किए जा सकेंगे।
शिकायत निवारण प्रणाली होगी मजबूत और अनिवार्य
नए नियमों के तहत जिन संस्थानों में 20 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां शिकायत निवारण समिति बनाना जरूरी होगा। इस समिति में कर्मचारियों को अपनी समस्या रखने का अधिकार मिलेगा और एक वर्ष के भीतर शिकायत दर्ज की जा सकेगी।
महिला कर्मचारियों को भी उनकी संख्या के अनुसार समिति में उचित प्रतिनिधित्व देना अनिवार्य किया गया है। समिति में अधिकतम 20 सदस्य शामिल हो सकेंगे, जिससे निर्णय प्रक्रिया संतुलित और प्रभावी बनेगी।
छंटनी और बंदी पर सख्त नियंत्रण: पहले लेनी होगी मंजूरी
300 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों को अब छंटनी या संस्थान बंद करने से पहले सरकार की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इससे कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी और मनमाने फैसलों पर रोक लगेगी।
30 दिन में दें सुझाव: सरकार ने मांगी जनता और उद्योग की राय
श्रम विभाग ने इस प्रारूप को सार्वजनिक करते हुए आम जनता, श्रमिक संगठनों और उद्योग जगत से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं। इसके बाद अंतिम रूप देकर इसे लागू किया जाएगा।
नया युग, नई सोच: पारदर्शिता और संतुलन पर जोर
इंडस्ट्रियल कोड 2026 के जरिए सरकार औद्योगिक विकास और श्रमिक हितों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। यह बदलाव न केवल विवादों के त्वरित समाधान का रास्ता खोलेगा, बल्कि कार्यस्थलों पर पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ाएगा।