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Major irregularities found in donation funds received during Mahakumbh; SIT begins investigation.
अयोध्या राम मंदिर में दान की कथित हेराफेरी और वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने एक बेहद कड़ा रुख अपनाया है। मामले की गहराई से पड़ताल कर रही तीन सदस्यीय SIT टीम ने लखनऊ रवाना होने से ठीक पहले राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे बिना अनुमति के अयोध्या (शहर) छोड़कर बाहर न जाएं।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जांचकर्ताओं को श्रद्धालुओं द्वारा भगवान श्री राम को अर्पित किए गए सोने, चांदी और हीरे के रिकॉर्ड में भारी खामियां और बड़ी कमियां मिली हैं। आशंका जताई जा रही है कि सबसे बड़ी वित्तीय गड़बड़ी जनवरी-फरवरी 2025 में आयोजित महाकुंभ के दौरान हुई थी। उस समय अयोध्या में हर रोज करीब 10 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे थे, जिससे मंदिर की दान पेटियां महज कुछ ही घंटों में पूरी तरह भर जाती थीं। इसी अवधि के दौरान चढ़ावे के रिकॉर्ड में बड़े पैमाने पर हेरफेर का अनुमान है।
SIT की यह जांच केवल दान पेटियों और चढ़ावे तक ही सीमित नहीं है। जांच का दायरा अब काफी बढ़ चुका है। टीम इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि बाजार दर से कहीं अधिक कीमतों पर जमीनें क्यों खरीदी गईं। इसके साथ ही, मंदिर निर्माण के लिए खरीदी गई निर्माण सामग्री (Construction Material) की खरीद में हुई वित्तीय अनियमितताओं को भी जांच में शामिल किया गया है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले पर उत्तर प्रदेश सरकार सीधे नजर बनाए हुए है। SIT की टीम प्रतिदिन की जांच से जुड़ी डिजिटल रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री (CM) कार्यालय को भेज रही है। सूत्रों का कहना है कि जांच अब अंतिम चरण में है और बहुत जल्द ही इसकी विस्तृत अंतिम रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी जाएगी।