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Major overhaul in Chhattisgarh's government schools... Rationalization of over 10,000 schools... Readjustment of 15,000 teachers set to transform the education system.
रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग ने अपने दो साल के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड पेश किया है। विभाग के अनुसार इस अवधि में 10,538 स्कूलों का युक्तियुक्तकरण किया गया और 15,165 शिक्षकों व प्राचार्यों का समायोजन किया गया। इसके साथ ही शिक्षकविहीन स्कूलों में नियुक्ति, नई भर्तियों, विद्यार्थियों की प्रगति की निगरानी और तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया जा रहा है।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि प्रदेश के 453 ऐसे स्कूलों में शिक्षकों की व्यवस्था की गई है, जहां पहले कोई शिक्षक नहीं था। वहीं 4,729 एकल शिक्षक वाले स्कूलों में भी अतिरिक्त शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।विभाग का दावा है कि इन कदमों का उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना है।
शिक्षक भर्ती को लेकर भी विभाग ने जानकारी दी। पिछले दो वर्षों में 2,104 शैक्षणिक पदों पर सीधी भर्ती की गई है, जबकि करीब 5,000 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।इनमें सहायक शिक्षक के 2,292 और शिक्षक के 1,654 पद शामिल हैं। व्याख्याता के 854 पदों पर भर्ती के लिए शिक्षा विभाग ने कर्मचारी चयन मंडल को प्रस्ताव भेज दिया है। जल्द ही इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।इसके अलावा स्वामी आत्मानंद और विवेकानंद विद्यालयों में 3,000 से अधिक पदों पर संविदा भर्ती की प्रक्रिया भी चल रही है।
सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के कामकाज की निगरानी के लिए नई व्यवस्था तैयार की जा रही है। इसमें केवल विद्यार्थियों की उपस्थिति देखने के बजाय उनकी पढ़ाई में होने वाली प्रगति को भी मूल्यांकन का आधार बनाया जाएगा।हर कक्षा के विद्यार्थियों को उनके शैक्षणिक प्रदर्शन के अनुसार ग्रीन, येलो और रेड जोन में रखा जाएगा। बेहतर प्रदर्शन वाले विद्यार्थी ग्रीन, औसत प्रदर्शन वाले येलो और कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यार्थी रेड जोन में होंगे।हर महीने यह देखा जाएगा कि कितने विद्यार्थी एक स्तर से दूसरे बेहतर स्तर तक पहुंचे। खासतौर पर रेड जोन के विद्यार्थियों की प्रगति पर ध्यान दिया जाएगा। इस आधार पर शिक्षकों के प्रदर्शन का भी आकलन करने की योजना है।
नई व्यवस्था के तहत शिक्षक अपनी टीचर्स डायरी में विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का रिकॉर्ड रखेंगे। समग्र शिक्षा को इस व्यवस्था की योजना तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।विभाग आगे चलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से स्कूलों से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण और मॉनिटरिंग आसान बनाने की तैयारी भी कर रहा है।
विभाग के अनुसार इस साल कक्षा 10वीं और 12वीं के सीजी बोर्ड परीक्षा परिणाम में करीब 2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आने वाले वर्षों में परिणाम सुधारने के लिए परीक्षा से पहले समीक्षा, ब्लूप्रिंट तैयार करने, बेहतर अध्यापन और पालक-शिक्षक बैठकों पर जोर दिया जाएगा।शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक व्यवस्था और टीके एप के जरिए उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था भी लागू की गई है।
राज्य सरकार बहुभाषी शिक्षा को भी विस्तार दे रही है। बस्तर संभाग में 2,700 और सरगुजा संभाग में 2,368 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया है।कक्षा पहली से तीसरी तक छत्तीसगढ़ी, गोंडी, हल्बी और सांदरी भाषाओं के अनुरूप पाठ्यपुस्तक तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। विभाग के अनुसार 16 स्थानीय और 4 अंतरराज्यीय भाषाओं में पाठ्यपुस्तकें तैयार की गई हैं।राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत कक्षा पहली और दूसरी की हिंदी पुस्तकों में बारहखड़ी को भी शामिल किया गया है। शिक्षा विभाग का फोकस अब स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता के साथ विद्यार्थियों की वास्तविक शैक्षणिक प्रगति को लगातार मापने और उसके आधार पर सुधार करने पर है।