

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Major success for Bhilai's Geetansh Bamania... After studying at IIT Madras, he founded a company that is now entering the market with a ₹1,266 crore IPO.
भिलाई। भिलाई में पले-बढ़े कारोबारी गीतांश बामनिया ने अपने स्टार्टअप सफर में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनके नेतृत्व वाली ऑनलाइन रेंटल कंपनी रेंटोमोजो ने 1,266 करोड़ रुपये का आईपीओ बाजार में पेश किया है। कंपनी का आईपीओ 9 सितंबर को खुला था और 11 सितंबर को बंद हो गया। शेयर बाजार में कंपनी की लिस्टिंग 17 सितंबर को प्रस्तावित है।रेंटोमोजो के आईपीओ के बाजार में आने के साथ ही भिलाई से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर कारोबार खड़ा करने वाले गीतांश की कहानी एक बार फिर चर्चा में है।
रेंटोमोजो ऑनलाइन रेंटल प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करती है। कंपनी ग्राहकों को घर और ऑफिस की जरूरतों से जुड़ा सामान किराये या सब्सक्रिप्शन मॉडल पर उपलब्ध कराती है। इसमें फर्नीचर के अलावा फ्रिज, वाशिंग मशीन और दूसरे घरेलू उपकरण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद शामिल हैं।कंपनी का मॉडल उन ग्राहकों के लिए तैयार किया गया है जो सामान खरीदने के बजाय तय अवधि तक उसे किराये पर लेना चाहते हैं।
गीतांश बामनिया की शुरुआती पढ़ाई भिलाई के सेक्टर-10 इंग्लिश मीडियम हायर सेकंडरी स्कूल में हुई। इसके बाद उन्होंने IIT मद्रास से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने KPMG और Flipkart जैसी कंपनियों में काम किया।कॉरपोरेट क्षेत्र में अनुभव लेने के बाद गीतांश ने नौकरी के बजाय अपना कारोबार शुरू करने का फैसला किया। उन्होंने रेंटोमोजो से पहले दो स्टार्टअप शुरू किए, लेकिन दोनों प्रयास सफल नहीं हो सके।
गीतांश के कारोबारी सफर में शुरुआती असफलताएं भी महत्वपूर्ण रहीं। इन अनुभवों से उन्होंने बाजार की जरूरत और बिजनेस मॉडल को समझने की कोशिश की। इसी सीख के आधार पर वर्ष 2012 में रेंटोमोजो की शुरुआत की गई।समय के साथ कंपनी ने अपने कारोबार का विस्तार किया और रेंटल आधारित सेवाओं के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई। अब कंपनी के आईपीओ के जरिए पहली बार आम निवेशकों को उसके शेयरों में निवेश का अवसर मिलने जा रहा है।
गीतांश के कारोबारी नजरिए में उनके परिवार की भूमिका भी अहम रही। उनके पिता जगदीश बामनिया भिलाई इस्पात संयंत्र में कार्यरत रहे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने करीब 10 साल तक पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के कारोबार से जुड़कर काम किया।वहीं उनकी मां डॉ. मीरा बामनिया BSP के JLNH अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर, सेक्टर-9 में बाल एवं शिशु रोग विभाग की प्रमुख रहीं। वर्ष 2020 में वे सेवानिवृत्त हुईं।
1,266 करोड़ रुपये के आईपीओ के साथ रेंटोमोजो के सफर में एक नया चरण शुरू हुआ है। प्रस्तावित लिस्टिंग के बाद कंपनी के शेयरों की शेयर बाजार में खरीद-बिक्री की जा सकेगी। भिलाई से निकलकर देश के बड़े शहरों तक अपना कारोबार पहुंचाने वाले गीतांश के लिए यह उपलब्धि उनके लंबे उद्यमी सफर का अहम पड़ाव मानी जा रही है।