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Manipur witnesses another bloodshed: 3 priests killed in indiscriminate firing, tension grips entire area
मणिपुर। एक बार फिर हिंसा ने हालात को विस्फोटक बना दिया है। कंगपोकपी जिले में दिनदहाड़े हुई गोलीबारी की घटना ने पूरे राज्य को दहला दिया। हमले में तीन चर्च पदाधिकारियों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद कई इलाकों में तनाव और विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं।
रास्ते में घात लगाकर हमला, दो कारों पर बरसीं ताबड़तोड़ गोलियां
जानकारी के अनुसार थाडो बैप्टिस्ट एसोसिएशन से जुड़े चर्च पदाधिकारी दो वाहनों में चूराचांदपुर से कंगपोकपी लौट रहे थे। इसी दौरान कोटजिम और कोटलेन गांव के बीच पहले से घात लगाकर बैठे हमलावरों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी।
इस हमले में मणिपुर बैपटिस्ट कन्वेंशन के पूर्व महासचिव वी सितल्होउ, वी कैगौलुन और पाओगौलेन की मौत हो गई। वहीं पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
देर रात नोने जिले में भी फायरिंग, पति की मौत पत्नी गंभीर रूप से घायल
इसी बीच एक और अलग घटना में देर रात नोने जिले में अज्ञात हमलावरों ने एक व्यक्ति विल्सन धांगा पर फायरिंग कर दी। इस हमले में उसकी मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी गंभीर रूप से घायल बताई जा रही है। लगातार हो रही घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सड़कों पर विरोध, हाईवे जाम और बंद का ऐलान
घटना के बाद कुकी जो संगठनों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने असम को मिजोरम से जोड़ने वाले एचएच 2 को जाम कर दिया है। कंगपोकपी जिले में बंद का ऐलान भी किया गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
शांति की कोशिशों के बीच निशाना बने पादरी सितल्होउ
हमले में मारे गए वी सितल्होउ को लेकर बताया जा रहा है कि वे लंबे समय से नगा और कुकी समुदायों के बीच शांति स्थापित करने की कोशिशों में सक्रिय थे। चर्च लीडर होने के कारण दोनों समुदायों में उनकी अच्छी स्वीकार्यता थी। वे शांति बैठक से लौट रहे थे, तभी यह हमला हुआ।
मणिपुर हिंसा का बढ़ता दायरा और गहराता अविश्वास
राज्य में बीते तीन वर्षों से मैतेई और कुकी समुदाय के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। अब हालात में नगा समूहों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। सुरक्षा और राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, हथियारों की तस्करी और सीमापार नेटवर्क हिंसा को और हवा दे रहे हैं।
हथियारों की सप्लाई और उग्रवाद का नेटवर्क, बढ़ती चिंता
रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ नगा उग्रवादी संगठनों को म्यांमार से हथियार सप्लाई होने के आरोप हैं। वहीं कुछ मामलों में चीन से हथियारों के म्यांमार तक पहुंचने की बात भी सामने आती रही है। इन नेटवर्क्स के कारण क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ती जा रही है।
सरकारों की निंदा, लेकिन हालात अब भी तनावपूर्ण
घटना की निंदा मणिपुर के मुख्यमंत्री और नगालैंड के मुख्यमंत्री Neiphiu Rio ने की है। हालांकि इसके बावजूद जमीन पर हालात तनावपूर्ण बने हुए हैंराज्य मणिपुर के कई हिस्सों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है, लेकिन लोगों के बीच डर और असुरक्षा का माहौल साफ देखा जा रहा है।
इलाके में दहशत और शांति की तलाश
लगातार हो रही हिंसक घटनाओं ने आम लोगों की जिंदगी को प्रभावित कर दिया है। स्कूल, बाजार और सड़कें कई जगहों पर बंद जैसे हालात में हैं। स्थानीय लोग अब स्थायी शांति की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन हालात फिलहाल बेहद नाजुक बने हुए हैं।