

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Massive fraud worth crores under the guise of weight loss; major bust of a fake call center.
नई दिल्ली। वजन कम करने का सपना दिखाकर महिलाओं से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि हरियाणा के गुरुग्राम में एक हाईटेक कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था, जहां से सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं को जाल में फंसाकर उनसे भारी रकम वसूली जाती थी।आरोपी 'क्यूरेस्ट साइंस एंड वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड' के नाम से यह नेटवर्क चला रहे थे और फेसबुक पर आकर्षक विज्ञापनों के माध्यम से वजन घटाने का दावा कर देशभर की महिलाओं को निशाना बनाते थे।
जांच में पता चला कि कॉल सेंटर के कर्मचारी पहले से तैयार स्क्रिप्ट के अनुसार महिलाओं से बातचीत करते थे। उन्हें भरोसा दिलाया जाता था कि कंपनी की विशेष दवाओं, डाइट प्लान और उपचार से बेहद कम समय में वजन घटाया जा सकता है।एक बार भरोसा बनने के बाद महिलाओं को महंगे पैकेज खरीदने, दवाइयां लेने और अतिरिक्त इलाज कराने के लिए लगातार प्रेरित किया जाता था। इस तरह चरणबद्ध तरीके से उनसे बड़ी रकम वसूली जाती थी। अधिकतर भुगतान नकद कराया जाता था ताकि लेनदेन का रिकॉर्ड आसानी से सामने न आ सके।
पुलिस के अनुसार कॉल सेंटर में करीब 150 युवतियां खुद को हेल्थ एक्सपर्ट, डाइटीशियन और ब्यूटी कंसल्टेंट बताकर महिलाओं से संपर्क करती थीं। वहीं करीब 20 युवक डॉक्टर बनकर मेडिकल सलाह देते थे।सोशल मीडिया पर वजन घटाने से जुड़े आकर्षक विज्ञापन पोस्ट किए जाते थे। जो महिलाएं उनमें रुचि दिखाकर अपना मोबाइल नंबर दर्ज करती थीं, उनसे कॉल सेंटर की टीम संपर्क कर ठगी की पूरी प्रक्रिया शुरू करती थी।
मामले का खुलासा सूरत की एक महिला की शिकायत के बाद हुआ। पीड़िता ने बताया कि वजन घटाने के नाम पर उससे 1.77 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की गई।जांच में सामने आया कि मोहम्मद हुसैन नाम का आरोपी दिल्ली से हवाई यात्रा कर सूरत पहुंचता था। वह खुद को कूरियर कर्मी बताकर दवाइयां देता और नकद रकम लेकर लौट जाता था। बाद में मेडिकल फाइल बंद करने की धमकी देकर महिला से 81.50 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग भी की गई। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की।
पुलिस का कहना है कि यह फर्जी कंपनी हर महीने करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपये की अवैध कमाई कर रही थी। शुरुआती जांच में अनुमान लगाया गया है कि पिछले चार वर्षों में गिरोह ने 75 से 80 करोड़ रुपये तक की ठगी को अंजाम दिया।अब तक पुलिस चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि इस पूरे नेटवर्क के मुख्य संचालकों और अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है।