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Meanwhile, the police have taken major action in a timber smuggling case, seizing ₹81 lakh in cash from the accused's home.
महासमुंद। खैर लकड़ी के अवैध कारोबार और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के मामले में महासमुंद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सरायपाली-बिलाईगढ़ जिले के मुड़पार गांव में आरोपी मनीष अग्रवाल के मकान पर पुलिस ने दबिश देकर 81 लाख रुपये की नकदी बरामद की है। तलाशी की पूरी कार्रवाई मकान के केयरटेकर और गवाहों की मौजूदगी में की गई।पुलिस के अनुसार 7 सितंबर 2026 को मुड़पार स्थित मकान की तलाशी ली गई थी। इस दौरान एक थैले में 500 रुपये के नोटों की 162 गड्डियां मिलीं। प्रत्येक गड्डी में 100 नोट थे। इस तरह कुल 16,200 नोटबरामद हुए, जिनकी कीमत 81 लाख रुपये है। पुलिस ने मौके पर ही पूरी रकम जब्त कर ली।
मामले की पृष्ठभूमि में खैर लकड़ी के अवैध परिवहन का नेटवर्क बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक आरोपी मनीष अग्रवाल का कारोबार ओडिशा, छत्तीसगढ़ सहित करीब 10 राज्यों तक फैला हुआ था। इससे पहले वन विभाग की शिकायत पर उसके खिलाफ खैर लकड़ी के अवैध परिवहन से जुड़ा प्रकरण दर्ज किया गया था।बताया गया है कि वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा के आवेदन पर करीब 23,350 किलोग्राम खैर लकड़ीके अवैध परिवहन का मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए आरोपी से जुड़े ठिकानों और संपत्तियों की जानकारी जुटानी शुरू की।
पुलिस ने 81 लाख रुपये की जब्त रकम को अपराध से अर्जित संपत्ति मानते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए बीएनएसएस की धारा 107 के तहत न्यायालय में संपत्ति कुर्क करने का आवेदन प्रस्तुत किया गया है। nपुलिस का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य अवैध कारोबार से अर्जित आर्थिक लाभ को रोकना और उससे बनाई गई संपत्ति पर कानूनी शिकंजा कसना है। मामले में जांच जारी है और आरोपी से जुड़े अन्य आर्थिक लेनदेन तथा संपत्तियों की भी पड़ताल की जा रही है।