

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Modi Cabinet’s two-day brainstorming session begins; focus on ‘Viksit Bharat 2047’ and review of ministers’ performance.
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिपरिषद का दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर’ आज, 23 सितंबर से शुरू हो गया है। यह बैठक 24 सितंबर तक चलेगी और इसका मुख्य फोकस ‘विकसित भारत@2047’ के लिए सरकार की अगली प्राथमिकताओं, सुधारों और मौजूदा योजनाओं की प्रगति की समीक्षा पर है। बैठक सेवा तीर्थ में आयोजित हो रही है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में मंत्रालयों और विभागों के कामकाज का जायजा लेने के साथ भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा होगी। इस बार का सत्र विशेष रूप से कैबिनेट मंत्रियों के लिए केंद्रित है। इससे पहले प्रधानमंत्री राज्य मंत्रियों और स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों के साथ अलग-अलग दौर की चर्चा कर चुके हैं।
चिंतन शिविर के पहले दिन मंत्रियों और संबंधित समूहों की ओर से प्रस्तुतियां और चर्चा प्रस्तावित हैं। इनमें सरकार के अब तक के कामकाज, योजनाओं के क्रियान्वयन और आगे की रणनीति से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
दूसरे दिन इन चर्चाओं और प्रस्तुतियों के आधार पर सरकार की प्राथमिकताओं, सुधारों और मंत्रालयों के कामकाज पर आगे की दिशा तय की जाएगी। हालांकि, मंत्रियों को ‘एक्सीलेंट, गुड, एवरेज, पुअर’ जैसी ग्रेडिंग देकर कैबिनेट फेरबदल के लिए रिपोर्ट कार्ड तैयार होने की बात अभी आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं है। उपलब्ध रिपोर्टों में बैठक को मुख्य रूप से सरकार के कामकाज की समीक्षा और अगले चरण की प्राथमिकताएं तय करने की कवायद बताया गया है।
बैठक में विकसित भारत@2047 के लिए तैयार किए जा रहे रोडमैप को आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा। सचिवों के समूहों, मंत्रालयों एवं विभागों, कैबिनेट सचिवालय और नीति आयोग की ओर से किए जा रहे काम को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया गया है।
सरकार के सामने सुधार, जीवन सुगमता, अनुपालन का बोझ कम करना और शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने जैसे मुद्दे प्रमुख एजेंडे में हैं।
मंत्रालयों के प्रेजेंटेशन में युवाओं और खासकर Gen Z के साथ सरकार के संवाद को लेकर किए गए प्रयासों पर भी चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। युवाओं के प्रमुख मुद्दे, उनके साथ संवाद का तरीका और रोजगार जैसे विषयों को लेकर मंत्रालयों की रणनीति पर मंथन की बात कही गई है।
सरकार पहले से ही युवाओं को ‘विकसित भारत’ की प्रक्रिया से जोड़ने के लिए अलग-अलग कार्यक्रम चला रही है। उदाहरण के तौर पर, ‘Viksit Bharat Young Leaders Dialogue 2027’ के तहत 15 से 29 वर्ष के युवाओं को नीति निर्माण से जुड़े संवाद में शामिल करने की पहल की गई है।
प्रेजेंटेशन में महिला आरक्षण से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों, शिक्षा क्षेत्र और UGC से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की बात सामने आई है। इसके अलावा रोजगार को लेकर युवाओं की अपेक्षाओं और सरकार की योजनाओं के प्रभाव पर भी मंत्रियों से इनपुट लिए जाने की जानकारी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2021 में भी केंद्रीय मंत्रिपरिषद के साथ कई ‘चिंतन शिविर’ आयोजित किए थे। उस दौरान मंत्रियों के कामकाज, कार्यकुशलता, समय एवं संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल, योजनाओं की निगरानी और शासन सुधार जैसे विषयों पर चर्चा हुई थी।
इस बार का चिंतन शिविर सरकार के तीसरे कार्यकाल के बीच में अब तक के कामकाज का आकलन और अगले चरण की प्राथमिकताएं तय करने की प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है।
चिंतन शिविर को लेकर कैबिनेट फेरबदल की अटकलें जरूर लगाई जा रही हैं, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर चिंतन शिविर का घोषित उद्देश्य कैबिनेट फेरबदल नहीं, बल्कि सरकार के कामकाज की समीक्षा और ‘विकसित भारत 2047’ के लिए अगले चरण की रणनीति तय करना है। एक रिपोर्ट में आधिकारिक सूत्रों ने तत्काल कैबिनेट फेरबदल की संभावना को खारिज किया है।