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"Modi, Modi" resounds in the Knesset: With Israel today, and in the future
नई दिल्ली। अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच इजरायल पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पीएम मोदी नेसेट संबोधन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहा। इजरायली संसद नेसेट को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत आज भी इजरायल के साथ है और आगे भी रहेगा। साथ ही गाजा में शांति प्रयासों के प्रति भारत का पूरा समर्थन दोहराया।
प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि शांति का रास्ता आसान नहीं होता, लेकिन गाजा में शांति पूरे क्षेत्र के लिए आवश्यक है। उन्होंने 26/11 मुंबई हमलों और 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हुए हमले का उल्लेख करते हुए आतंकवाद की कड़ी निंदा की। उनका कहना था कि आतंकवाद को किसी भी रूप में उचित नहीं ठहराया जा सकता और इस पर दोहरा रवैया स्वीकार्य नहीं है।
ऐतिहासिक स्वागत और सम्मान
नेसेट पहुंचने पर सांसदों ने खड़े होकर ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाए। प्रधानमंत्री मोदी इजरायली संसद को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। इससे पहले 2017 में वह इजरायल यात्रा करने वाले पहले भारतीय पीएम थे। उन्हें ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान भारत-इजरायल संबंधों को मजबूत बनाने में उनके व्यक्तिगत नेतृत्व के लिए दिया गया। इससे पहले 2018 में उन्हें फिलिस्तीन का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द स्टेट ऑफ फिलिस्तीन’ भी मिल चुका है।
नेतन्याहू ने किया भव्य स्वागत
तेल अवीव के बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्वयं उनकी अगवानी की। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का स्वागत किया।