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Monsoon momentum stalls; significant rainfall deficit across most states; Chhattisgarh and Madhya Pradesh also affected.
नई दिल्ली। देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार लगातार धीमी बनी हुई है। गुरुवार को भी मानसून का ठहराव लगातार 11वें दिन जारी रहा, जिसके चलते देश के कई हिस्सों में बारिश का गंभीर अभाव देखने को मिला। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, 18 जून तक देश में सामान्य से करीब 38 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि अगले चार से पांच दिनों में मानसून के कुछ नए क्षेत्रों में आगे बढ़ने की संभावना जताई गई है।
आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक, देश के 30 प्रमुख राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से 19 राज्यों में सामान्य से कम बारिश हुई है। इनमें सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वर्षा की कमी 60 प्रतिशत से भी अधिक दर्ज की गई है, जिससे कई इलाकों में सूखे जैसी स्थिति बनने लगी है।
बारिश की सबसे खराब स्थिति मेघालय में रही, जहां सामान्य से 86 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई। इसके बाद गुजरात में 79 प्रतिशत, महाराष्ट्र में 78 प्रतिशत, झारखंड में 70 प्रतिशत, मणिपुर में 69 प्रतिशत, गोवा में 68 प्रतिशत और छत्तीसगढ़ में 64 प्रतिशत कम बारिश हुई। वहीं मध्य प्रदेश में 39 प्रतिशत वर्षा घाटा दर्ज किया गया।
बारिश की कमी के बीच कुछ राज्यों में सामान्य से अधिक वर्षा भी हुई है। लद्दाख में सबसे अधिक 91 प्रतिशत, राजस्थान में 55 प्रतिशत और हरियाणा में 25 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई।
स्काईमेट के अध्यक्ष जी.पी. शर्मा का कहना है कि 8 जून के बाद से मानसून लगभग ठहर गया है। यदि यही स्थिति बनी रही तो जून के अंत तक देश में बारिश का घाटा 50 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। उनके अनुसार, मानसून की आगे की प्रगति के लिए बंगाल की खाड़ी में प्रभावी मौसमी तंत्र का बनना जरूरी है, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई मजबूत सिस्टम विकसित नहीं हुआ है।
गुरुवार शाम छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली। दिनभर की उमस और गर्मी के बाद तेज अंधड़ के साथ बारिश हुई, जिससे लोगों को राहत मिली। दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर और बस्तर संभाग के कई हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग का कहना है कि समुद्र से लगातार नमी मिलने और स्थानीय मौसम प्रणाली सक्रिय होने के कारण अगले चार से पांच दिनों तक शाम के समय गरज-चमक और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के मगरलोड ब्लॉक स्थित डूमरपाली गांव में बुधवार देर रात आकाशीय बिजली गिरने से 40 भेड़ों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, राजस्थान से आए भेड़ पालकों ने गांव की एक नर्सरी में डेरा डाल रखा था। इसी दौरान बिजली गिरने से बड़ी संख्या में भेड़ें इसकी चपेट में आ गईं।
मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले कुछ दिनों में मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा। हालांकि देश के कई हिस्सों में सामान्य बारिश लौटने के लिए अभी भी मजबूत मौसमी सिस्टम बनने का इंतजार करना होगा।