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Monsoon weakens in Chhattisgarh; intense sunlight increases heat in Raipur; light rain expected over the next two days.
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार अब कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है। बस्तर समेत प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में तेज धूप के कारण गर्मी का असर बढ़ गया। बारिश की गतिविधियों में कमी के चलते तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। हालांकि, वातावरण में अभी भी पर्याप्त नमी बनी हुई है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ स्थानों पर आज हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई है। वहीं एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका भी है। मौसम का यह मिजाज अगले दो दिनों तक बने रहने की संभावना है।
प्रदेश में सक्रिय मौसम सिस्टम अब झारखंड की ओर आगे बढ़ रहा है। इसके कारण मंगलवार से बस्तर क्षेत्र में भी बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। फिलहाल बंगाल की खाड़ी में कोई स्पष्ट रूप से सक्रिय सिस्टम मौजूद नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार, गणेश पर्व के दौरान भी प्रदेश में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रह सकती हैं।
प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड की गई। इस दौरान माना में प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं पेण्ड्रा रोड में सबसे कम न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रायपुर में दिन का अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन में तेज धूप निकलने के कारण लोगों को गर्मी का एहसास हुआ।
राजधानी रायपुर में आज आसमान में बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, यहां अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। हालांकि, बारिश की गतिविधि कमजोर रहने पर दिन के तापमान में बढ़ोतरी और उमस का असर महसूस हो सकता है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून अब देश से विदाई की ओर बढ़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक वातावरण में मौजूद नमी धीरे-धीरे कम होने लगेगी, जिसका असर आने वाले दिनों में रात के तापमान और मौसम में महसूस किया जा सकता है।
राजस्थान में बारिश की गतिविधियां थमने के बाद वहां से मानसून की विदाई 19 सितंबर के आसपास शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, छत्तीसगढ़ में अभी मानसून के बने रहने की संभावना है। सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून की अवधि 30 सितंबर तक मानी जाती है और इसके बाद अक्टूबर के पहले पखवाड़े तक इसकी विदाई हो जाती है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में सबसे अधिक बारिश बड़े बचेली (दंतेवाड़ा) में 6 सेमी दर्ज की गई। इसके अलावा करतला (कोरबा), देवभोग (गरियाबंद), छाल (रायगढ़) और नया बाराद्वार (सक्ती) में 3-3 सेमी बारिश हुई। कवर्धा (कबीरधाम) और कटेकल्याण (दंतेवाड़ा) में 2-2 सेमी वर्षा दर्ज की गई। वहीं कशडोल, जगदलपुर, रायगढ़, सारागांव, पामगढ़, लालपुर थाना, मुंगेली, भैसमा, घरघोड़ा, बकावंड, खरसिया और बोड़ला में 1-1 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।