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Nationwide outrage against the death of Jain Sadhvis in a road accident
दुर्ग। रीवा में जैन साध्वी श्रुतमति माता जी और उपशममती माता जी की सड़क हादसे में हुई दुखद मौत (देवलोक गमन/समाधि) के विरोध में आज पूरे देश सहित दुर्ग-भिलाई में सकल जैन समाज का गुस्सा फूट पड़ा। घटना के विरोध में सोमवार, 25 मई को सकल जैन समाज द्वारा एक विशाल मौन जुलूस निकाला गया। समाज के प्रबुद्ध जनों और पदाधिकारियों ने जिलाधीश (कलेक्टर) के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और जैन साधु-संतों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून बनाने की मांग की है।

इस दौरान समाज के विभिन्न प्रमुख पदाधिकारियों ने अपनी बात रखी और आक्रोश व्यक्त किया।
"दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई और बने सुरक्षा कानून" -धीरज बाकलीवाल (पूर्व महापौर, दुर्ग)

दुर्ग के पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा: “आज जैन साध्वी श्रुतमति माता जी और उपशममती माता जी, जब रीवा में अपने एक गंतव्य से दूसरे गंतव्य की ओर जा रही थीं, तो किसी गाड़ी वाले ने उन्हें टक्कर मार दी। वीडियो देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि गाड़ी वाले ने जानबूझकर माता जी को ठोकर मारी, जिससे माता जी का देवलोक गमन हो गया। आज 25 मई को पूरे देश भर के साथ-साथ दुर्ग में भी सकल जैन समाज द्वारा जिलाधीश महोदय को ज्ञापन दिया जा रहा है। हमारी मांग है कि दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो। साथ ही, जैन साधु-संत जो हमेशा पदविहार (पैदल यात्रा) करते हैं, उनकी सुरक्षा के लिए एक विशेष कानून बनाया जाना चाहिए।”
"साधु-संतों की सुरक्षा के लिए पूरे भारतवर्ष में एकजुटता" - उपाध्यक्ष, सकल दिगंबर जैन समाज

सकल दिगंबर जैन समाज के उपाध्यक्ष ने देशव्यापी स्तर पर हो रहे इस विरोध प्रदर्शन को रेखांकित करते हुए कहा: “रीवा में हमारी दो माता जी के ऊपर आक्रमण हुआ, उन्हें गाड़ी से कुचल दिया गया। ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इसी के विरोध में आज सोमवार सुबह पूरे भारतवर्ष में एक साथ मौन जुलूस यात्रा निकाली गई है। हमने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सभी जिम्मेदार अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है ताकि दिगंबर और श्वेतांबर, दोनों ही संप्रदायों के हमारे साधु-संतों को पूर्ण सुरक्षा मिल सके।”
"साधुओं की सुरक्षा प्रशासन की जिम्मेदारी, न हो घटना की पुनरावृत्ति" - ज्ञानचन्द पाटनी, (अध्यक्ष, श्री दिगंबर जैन पंचायत दुर्ग, बड़ा मंदिर)

दुर्ग-भिलाई जैन समाज की उपस्थिति और प्रशासनिक जवाबदेही पर बात करते हुए बड़ा मंदिर के अध्यक्ष ज्ञानचन्द पाटनी ने कहा “रीवा के पास आचार्य विद्यासागर जी महाराज जी की शिष्या दो माता जी का जानबूझकर एक्सीडेंट किया गया, जिससे उनकी समाधि हो गई। ऐसा कृत्य दोबारा न हो, इसलिए आज पूरी दुर्ग-भिलाई की सकल जैन समाज यहाँ उपस्थित हुई है और मौन जुलूस निकालकर शासन को ज्ञापन सौंपा है। मुख्यमंत्री, राज्यपाल, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को प्रतिलिपि भेजी गई है। साधु और माता जी जो विहार करते हैं, उनकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होती है। हम निवेदन करते हैं कि भविष्य में प्रशासन उनकी सुरक्षा की जवाबदारी ले ताकि समाज में शांति बनी रहे।”
"रोज हो रही घटनाओं पर लगे लगाम" - योगेश बरड़िया (अध्यक्ष, महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव समिति व सकल जैन समाज)

सकल जैन समाज के अध्यक्ष योगेश बरड़िया ने शासन को कड़ा संदेश देते हुए कहा: “आज इस मौन जुलूस के माध्यम से हमने शासन को एक स्पष्ट संदेश दिया है। हमारे देश में जो साधु-साध्वी विचरण कर रहे हैं, उन पर हर दिन कोई न कोई नई घटना हो रही है। इन घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हमने मिलकर शासन को पत्र सौंपा है, ताकि आगे से हमारे साधु-साध्वी जी को उचित और पुख्ता सुरक्षा प्रदान की जा सके।”

मुख्य मांगें
रीवा हादसे के दोषियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो।
देश भर में पदविहार करने वाले जैन साधु-साध्वियों की सुरक्षा के लिए एक विशेष 'साधु सुरक्षा कानून' बनाया जाए।
विहार के दौरान स्थानीय प्रशासन और पुलिस द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।