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Naxal Surrender: Hidma's close associate Barse Deva surrenders along with 20 Naxalites, depositing 48 weapons and over 20 lakh cash.
हैदराबाद। वामपंथी उग्रवादी संगठन CPI (माओवादी) को बड़ा झटका लगा है। PLGA बटालियन कमांडर बड़से सुक्का उर्फ बारसे देवा (DK SZCM) ने आज शनिवार को तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (DGP) के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। देवा के साथ संगठन के 20 अंडरग्राउंड कैडरों ने भी मुख्यधारा में लौटते हुए सरेंडर किया। आत्मसमर्पण करने वालों में तेलंगाना स्टेट कमेटी के वरिष्ठ नेता कंकनाला राजी रेड्डी उर्फ वेंकटेश (SCM) भी शामिल हैं।
48 हथियार और 20 लाख से अधिक नकदी जमा
सरेंडर के दौरान माओवादियों ने कुल 48 हथियार सुरक्षा एजेंसियों को सौंपे। इसके साथ ही उन्होंने 20 लाख 30 हजार रुपये नकद भी जमा कराया। जमा किए गए हथियारों में शामिल हैं;-
2 LMG
1 अमेरिकी निर्मित Colt राइफल
1 इजरायली Tavor राइफल
8 AK-47
10 INSAS राइफल
8 SLR
4 BGL
11 सिंगल-शॉट हथियार
2 ग्रेनेड
1 एयर गन
2,206 राउंड गोला-बारूद
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह सरेंडर PLGA तथा तेलंगाना स्टेट कमेटी की गतिविधियों के अंत की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।

कौन है बरसे देवा?
हिड़मा की मृत्यु के बाद माओवादी संगठन ने बरसे देवा को उसका उत्तराधिकारी नियुक्त किया था। उसे PLGA (पीपुल्स लिबरेशन गुरीला आर्मी) बटालियन का प्रमुख चेहरा माना जाता था। देवा न केवल संगठन की सैन्य गतिविधियों का संचालन करता था, बल्कि अत्याधुनिक हथियार जुटाने और सप्लाई चेन बनाए रखने में भी उसकी अहम भूमिका बताई जाती है।
सरेंडर के बाद क्या कहा डीजीपी ने?
तेलंगाना के डीजीपी शिवधर रेड्डी ने बताया कि सभी आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकारी पुनर्वास नीति के तहत लाभ प्रदान किए जाएंगे। उन्हें तत्काल राहत के तौर पर 25,000 रुपये के चेक भी दिए गए। साथ ही जिन नेताओं पर इनाम घोषित था, उन्हें भी नियमों के अनुसार राशि उपलब्ध कराई जाएगी।