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Naxal-related issues in Bastar to undergo expedited review; Deputy CM Vijay Sharma says, "Choose the path of development, not the gun."
जगदलपुर। बस्तर में नक्सल मामलों को लेकर राज्य सरकार ने लंबित प्रकरणों की समीक्षा और त्वरित निराकरण की प्रक्रिया तेज कर दी है। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने सोमवार को विधानसभा परिसर में बस्तर से आए युवाओं, जनप्रतिनिधियों, नक्सल मामलों में जेलों में बंद लोगों के परिजनों और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर सरकार का रुख स्पष्ट किया।
उन्होंने कहा कि नक्सल मामलों में बंद लोगों के प्रकरणों की संवेदनशीलता के साथ समीक्षा की जा रही है। जो लोग कानूनी प्रक्रिया के तहत राहत पाने के पात्र होंगे, उनके मामलों में तेजी से कार्रवाई की जाएगी। सरकार किसी भी मामले में पक्षपात नहीं करेगी और प्रत्येक प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी, ताकि निर्दोष लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
गृह मंत्री ने कहा कि सरकार केवल सुरक्षा अभियान तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि संवाद, पुनर्वास और विकास को भी अपनी रणनीति का अहम हिस्सा बना रही है। लंबे समय से नक्सल हिंसा से प्रभावित बस्तर में अब विश्वास बहाली की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।इस दौरान विधायक धरमलाल कौशिक, नीलकंठ टेकाम, विक्रम उसेंडी, कवासी लखमा और विक्रम मंडावी सहित बस्तर के कई युवा भी मौजूद रहे।
विजय शर्मा ने बताया कि 10 जुलाई को मंत्रालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में बस्तर संभाग के सभी 12 जिलों में लंबित नक्सल प्रकरणों की समीक्षा की गई। बैठक में तय किया गया कि मामलों को दो श्रेणियों में विभाजित कर कार्रवाई की जाएगी।पहली श्रेणी में ऐसे मामले शामिल होंगे, जिनमें जनहानि नहीं हुई है। इन मामलों की समीक्षा संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक प्रत्येक सप्ताह अभियोजन अधिकारियों और शासकीय अधिवक्ताओं के साथ करेंगे, ताकि राहत योग्य मामलों का जल्द निराकरण हो सके।दूसरी श्रेणी में जनहानि से जुड़े गंभीर प्रकरण रखे गए हैं। इनमें चालान, गवाही और न्यायालयीन प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
डिप्टी सीएम ने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी नक्सल हिंसा का गहरा प्रभाव था, वहां अब सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है। उन्होंने किसकोड़ो गांव का उदाहरण देते हुए कहा कि ग्रामीण अब विकास और शांति का माहौल महसूस कर रहे हैं।उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर शिक्षा, रोजगार और विकास की मुख्यधारा से जुड़ें। मुलाकात के दौरान युवाओं ने अपनी समस्याएं भी उनके सामने रखीं, जिस पर गृह मंत्री ने समाधान का भरोसा दिया।
विजय शर्मा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि बस्तर के लोगों को आर्थिक रूप से भी मजबूत करना है। इसी दिशा में बस्तर के जैविक उत्पादों को एनपीओपी प्रमाणन दिलाकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की पहल की जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर रोजगार और आय के अवसर मिल सकें।