Naxalites confined to only four districts in Chhattisgarh - Union Home Minister Amit Shah
भारत में नक्सलवाद की समस्या पर काबू पाने के प्रयासों में अहम मील का पत्थर सामने आया है। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने हाल ही में बयान दिया कि नक्सलवाद से प्रभावित जिलों की संख्या में बड़ी कमी आई है। एक समय था जब नक्सलवाद से प्रभावित जिलों की संख्या 38 थी, जिनमें से 12 जिले अति प्रभावित थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर 12 से छह और छह से मात्र चार जिलों तक सीमित हो गई है।
मंत्री अमित शाह के मुताबिक, देश में नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों को नियंत्रित करना केंद्र सरकार की प्राथमिकता रही है और एक साल के भीतर, अर्थात 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, नक्सलवाद के प्रभाव को कम करने के लिए किए गए प्रयासों के परिणामस्वरूप अति प्रभावित जिलों की संख्या में तेजी से गिरावट आई है।
नक्सलवाद से अति प्रभावित जिलों में गिरावट
पहले जहां 12 जिले नक्सलवाद से अति प्रभावित थे, वहीं अब इस संख्या में भारी कमी आई है और केवल छह जिले इस श्रेणी में आते हैं। ये जिले हैं:
1. छत्तीसगढ़:
बीजापुर
कांकेर
नारायणपुर
सिंगभूम
2. महाराष्ट्र:
गढ़चिरौली
इन जिलों में नक्सलवाद के प्रभाव का प्रमुख कारण इलाके की जंगली और दुर्गम भौगोलिक स्थिति, सुरक्षा बलों के संचालन में चुनौती, और स्थानीय राजनीतिक अस्थिरता रही है। हालांकि, सरकार और सुरक्षा बलों की लगातार निगरानी और विशेष अभियान की मदद से इन क्षेत्रों में नक्सलवादी गतिविधियों में कमी आई है।
कम प्रभावित जिलों की सूची
नक्सलवाद से कम प्रभावित जिलों की संख्या अब छह रह गई है। ये जिले नक्सलवाद के प्रभाव से उतने प्रभावित नहीं हैं, लेकिन फिर भी सुरक्षा चुनौती बनी रहती है। ये जिले हैं:
1. आंध्र प्रदेश:
अल्लूरी सीताराम राजू
2. मध्य प्रदेश:
बालाघाट
3. ओडिशा:
कालाहांदी
कंधमाल
मलकानगिरी
4. तेलंगाना:
भद्राद्रि-कोठागुडेम
इन जिलों में नक्सलवादी गतिविधियाँ अपेक्षाकृत कम हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन और सुरक्षा बलों के लिए इन क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
बेहद कम प्रभावित जिले
कुछ जिले ऐसे हैं जहां नक्सलवाद का प्रभाव बहुत ही कम हो चुका है और इन जिलों को बेहद कम प्रभावित श्रेणी में रखा गया है। ये जिले हैं:
1. छत्तीसगढ़:
दंतेवाड़ा
गरियाबंद
मोहला मानपुर-अंबागढ़ चौकी
2. झारखंड:
लातेहार
3. ओडिशा:
नुआपाड़ा
4. तेलंगाना:
जर मुलुगु
इन जिलों में नक्सलवाद की उपस्थिति बहुत ही सीमित रह गई है और स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों की प्रभावी कार्रवाई के कारण इन क्षेत्रों में शांति और विकास की दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
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