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New CM of Bengal: BJP's historic victory in West Bengal, who will get the Chief Minister's chair now?
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 294 सदस्यीय विधानसभा में 206 सीटों पर जीत दर्ज की है। पहली बार बंगाल की सत्ता तक पहुंची बीजेपी अब मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर मंथन में जुट गई है। सूत्रों के मुताबिक नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को हो सकता है। खास बात यह है कि इसी दिन गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती भी है।
‘ब्रांड मोदी’ के दम पर बीजेपी की बड़ी जीत
बीजेपी ने इस चुनाव में किसी मुख्यमंत्री चेहरे की घोषणा नहीं की थी। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और ‘ब्रांड मोदी’ के नाम पर चुनाव लड़ा।प्रधानमंत्री मोदी की रैलियों का असर चुनावी नतीजों में साफ दिखाई दिया। जिन क्षेत्रों में पीएम मोदी ने जनसभाएं कीं, वहां बीजेपी को बड़ी सफलता मिली। पार्टी इसे जनता का मोदी पर भरोसा बता रही है।
मुख्यमंत्री पद की रेस में कौन-कौन?
बीजेपी आलाकमान अब मुख्यमंत्री पद के लिए कई नामों पर विचार कर रहा है। इस रेस में छह प्रमुख नेताओं के नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं।
शुभेंदु अधिकारी सबसे मजबूत दावेदार
भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी को 15,114 वोटों से हराने वाले शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं। एक समय ममता बनर्जी के करीबी रहे शुभेंदु अधिकारी ने 2021 में नंदीग्राम में भी ममता को हराकर ‘जायंट किलर’ की पहचान बनाई थी। उनकी मजबूत संगठनात्मक पकड़ और जमीनी नेटवर्क उन्हें सबसे बड़ा दावेदार बनाते हैं।
दिलीप घोष का अनुभव भी अहम
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष को बंगाल में बीजेपी का जनाधार मजबूत करने का श्रेय दिया जाता है। 2021 के चुनाव में बीजेपी को मुख्य विपक्षी दल बनाने में उनकी बड़ी भूमिका रही थी। संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी मजबूत पकड़ उन्हें मुख्यमंत्री पद की दौड़ में बनाए हुए है।
समिक भट्टाचार्य का नाम भी चर्चा में
पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य को भी मुख्यमंत्री पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा है। उन्होंने पुराने और नए कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाने का काम किया। आरएसएस से करीबी और बंगाली संस्कृति की गहरी समझ उनके पक्ष को मजबूत करती है। पार्टी के भीतर माना जा रहा है कि संगठन की इस बड़ी जीत में आरएसएस की अहम भूमिका रही है।
उत्पल महाराज पर भी पार्टी की नजर
बीजेपी धार्मिक और आक्रामक छवि वाले नेता पर भी दांव खेल सकती है। इसी वजह से उत्पल ब्रह्मचारो उर्फ उत्पल महाराज का नाम भी तेजी से उभरकर सामने आया है।
उन्होंने कालीगंज सीट से 76 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत दर्ज की है। संगठन और आरएसएस के भीतर उनकी मजबूत पकड़ बताई जा रही है।
महिला मुख्यमंत्री पर लग सकता है दांव
बीजेपी इस बार महिला मुख्यमंत्री के विकल्प पर भी गंभीरता से विचार कर रही है। चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी ने महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को प्रमुख मुद्दा बनाया था।
रूपा गांगुली का नाम चर्चा में
पूर्व राज्यसभा सांसद और सोनारपुर दक्षिण से विधायक रूपा गांगुली भी मुख्यमंत्री पद की संभावित दावेदारों में शामिल हैं।
महिला मोर्चा की अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने जमीनी स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाई। टीवी धारावाहिक ‘महाभारत’ में द्रौपदी का किरदार निभाकर वे पहले ही घर-घर में लोकप्रिय हो चुकी हैं।
अग्निमित्रा पॉल भी मजबूत विकल्प
फैशन डिजाइनर से नेता बनीं अग्निमित्रा पॉल बीजेपी की बेबाक नेताओं में गिनी जाती हैं। उन्होंने आसनसोल दक्षिण सीट पर अपनी जीत बरकरार रखी है। यदि बीजेपी महिला मुख्यमंत्री के विकल्प पर आगे बढ़ती है तो अग्निमित्रा पॉल का नाम भी प्रमुखता से सामने आ सकता है।
अमित शाह ने दिया था ‘बंगाल के बेटे’ का संकेत
चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि बीजेपी की सरकार बनने पर मुख्यमंत्री ऐसा व्यक्ति होगा जो बंगाल में जन्मा हो, बंगाली भाषा और संस्कृति को समझता हो तथा पार्टी का समर्पित कार्यकर्ता हो।