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New revelations in the Epstein Files: Indian girl also victimized sex offender Jeffrey Epstein, mentions Anil Ambani and politicians
नई दिल्ली। अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी फाइलों के सामने आने का सिलसिला जारी है। हाल ही में सामने आए दस्तावेजों में कई नए और सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। इनमें एक भारतीय लड़की के कथित तौर पर एपस्टीन का शिकार होने की बात सामने आई है। साथ ही भारतीय उद्योगपति अनिल अंबानी और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन का भी जिक्र दस्तावेजों में किया गया है।
भारतीय पीड़िता को लेकर अमेरिकी एजेंसियों की कोशिश
दस्तावेजों के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने एपस्टीन की पीड़ित महिलाओं के लिए बनाए गए मुआवजा फंड से भुगतान दिलाने के उद्देश्य से भारत में एक महिला की तलाश शुरू की थी। 13 जनवरी 2020 की एक ईमेल में अधिकारियों के बीच बातचीत सामने आई है, जिसमें भारत स्थित अमेरिकी दूतावास के माध्यम से पीड़िता तक पहुंचने के प्रयास का उल्लेख है। यह ईमेल एपस्टीन की अगस्त 2019 में जेल में हुई मौत के बाद की बताई जा रही है।

अनिल अंबानी और एपस्टीन के बीच बातचीत का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, 2017 से 2019 के बीच एपस्टीन और अनिल अंबानी के बीच कथित बातचीत से जुड़े दस्तावेज भी सामने आए हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, इन बातचीत में कारोबारी मामलों, वैश्विक मुद्दों और निजी चर्चाओं का जिक्र है।
बताया गया है कि 9 मार्च 2017 की बातचीत में एपस्टीन ने मुलाकात को ‘मजेदार’ बनाने के लिए एक स्वीडिश महिला का जिक्र किया था। इसके अलावा रिकॉर्ड में दोनों के बीच पेरिस और न्यूयॉर्क में मुलाकात की योजनाओं का भी उल्लेख है। मई 2019 में अनिल अंबानी के न्यूयॉर्क दौरे के दौरान एपस्टीन के मैनहैटन स्थित घर पर मुलाकात का भी जिक्र दस्तावेजों में बताया गया है।
फाइल्स में हर्ष वर्धन और बिल गेट्स का उल्लेख
नई फाइल्स में 5 जून 2014 की एक ईमेल भी शामिल है, जिसमें एपस्टीन और बिल गेट्स के बीच बातचीत का उल्लेख है। इसमें एपस्टीन ने पूछा था कि क्या गेट्स की भारत में डॉ. हर्ष वर्धन से मुलाकात तय है। उस समय हर्ष वर्धन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री थे। इसके अलावा एक अन्य ईमेल में पीआर कंपनी प्रमोटर दिलीप चेरियन का भी उल्लेख सामने आया है।
हरदीप सिंह पुरी ने दी सफाई
इधर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 11 फरवरी को बयान जारी कर कहा था कि वह एपस्टीन से तीन-चार बार मिले थे, लेकिन उनकी मुलाकातें पूरी तरह पेशेवर थीं। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत रहते हुए उनकी एपस्टीन से मुलाकात अंतरराष्ट्रीय कार्यों से जुड़ी थी और उनका एपस्टीन के आपराधिक मामलों से कोई संबंध नहीं है। फिलहाल इन दस्तावेजों के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है और कई खुलासों की जांच की मांग उठ रही है।
