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New wave of investment in Chhattisgarh: Women break tradition, increased participation in stock market
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में निवेश की सोच तेजी से बदल रही है। ताजा आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में डीमैट खातों की संख्या बढ़कर 22 लाख 87 हजार से अधिक हो गई है। यह आंकड़ा बताता है कि अब लोग पारंपरिक बचत से आगे बढ़कर शेयर बाजार में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं।
महिलाओं का बढ़ता कदम, 7 महीने में 44 हजार से ज्यादा नए खाते
इस बदलाव की सबसे बड़ी तस्वीर महिलाओं की भागीदारी में दिख रही है। पिछले सात महीनों में 44 हजार से ज्यादा महिलाओं ने डीमैट खाते खोलकर निवेश की दुनिया में कदम रखा है। यह संकेत है कि अब महिलाएं भी आर्थिक फैसलों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
सोना-चांदी से शेयर बाजार तक, बदली निवेश की सोच
कृषि प्रधान और ग्रामीण पृष्ठभूमि वाले इस राज्य में पहले महिलाएं अपनी बचत को सोना, चांदी या जमीन में लगाना सुरक्षित मानती थीं। लेकिन अब वे शेयर बाजार को एक नए अवसर के रूप में देख रही हैं और जोखिम लेकर बेहतर रिटर्न की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
डीमैट खाता क्या है, क्यों बन रहा जरूरी
डीमैट खाता एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शेयर और अन्य वित्तीय साधन इलेक्ट्रॉनिक रूप में सुरक्षित रहते हैं। यह बिल्कुल बैंक खाते की तरह काम करता है। शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या आईपीओ में निवेश के लिए यह अनिवार्य है और इससे निवेश प्रक्रिया आसान व सुरक्षित बनती है।
तेजी से बढ़ रहे खाते, 9 प्रतिशत से ज्यादा की ग्रोथ
राज्य में डीमैट खातों की संख्या में लगभग 9.40 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मार्च के मुकाबले अक्टूबर तक लाखों नए खाते जुड़े हैं, जो निवेश के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है।
महिलाएं बनीं बदलाव की ताकत, पुरुषों से तेज वृद्धि
महिला निवेशकों की संख्या में 10.20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो पुरुषों की वृद्धि दर से ज्यादा है। यह दिखाता है कि महिलाएं अब सिर्फ बचत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सक्रिय निवेशक बन रही हैं।
चौपाल में समाधान, सीधे संवाद से मिला भरोसा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुदूर वनांचल ग्राम कमराखोल के दौरे के दौरान ग्रामीणों को बड़ी राहत दी। उन्होंने चौपाल में बैठकर लोगों की समस्याएं सुनीं और मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए।
बिजली बिल को लेकर राहत, ग्रामीणों की चिंता दूर
ग्रामीणों ने बिजली बिल से जुड़ी समस्याएं सामने रखीं, जिस पर मुख्यमंत्री ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। इससे लोगों को बड़ी राहत मिली और शासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ।
सुशासन तिहार बना संवाद का मंच, सरकार पहुंची जनता के बीच
सुशासन तिहार 2026 के तहत आयोजित इस चौपाल में आम लोगों और सरकार के बीच सीधा संवाद देखने को मिला। यह पहल प्रशासन और जनता के रिश्ते को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
सरकार का संदेश साफ, हर समस्या का समाधान मौके पर
इस दौरे ने यह स्पष्ट कर दिया कि सरकार जमीनी स्तर पर समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और आम लोगों की बात सुनने के लिए सीधे गांवों तक पहुंच रही है।