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No more hassle of visiting the police station... check the background records of prospective tenants and employees right from your mobile phone.
रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस ने किराएदारों और घरेलू कर्मचारियों के सत्यापन की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए समाधान एप शुरू किया है। अब मकान मालिक घर बैठे अपने मोबाइल से किराएदार, घरेलू सहायक, चालक, देखभाल करने वाले कर्मचारी और अन्य लोगों की जानकारी पुलिस को ऑनलाइन उपलब्ध करा सकेंगे। इससे सत्यापन की प्रक्रिया तेज होने के साथ पुलिस के पास संबंधित व्यक्ति की जानकारी पहले से उपलब्ध रहने की उम्मीद है।
समाधान एप के माध्यम से मकान मालिक को संबंधित व्यक्ति का नाम, पता, पहचान और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी दर्ज करनी होगी। आवेदन मिलने के बाद पुलिस अपने उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर संबंधित व्यक्ति का सत्यापन करेगी।पहले इस काम के लिए थाने जाकर आवेदन देना पड़ता था। नई डिजिटल व्यवस्था से मकान मालिकों को प्रक्रिया पूरी करने के लिए बार-बार पुलिस थाने जाने की जरूरत नहीं होगी।
घरेलू कर्मचारियों और किराएदारों का पुलिस सत्यापन नहीं होने से कई बार अपराध की जांच में परेशानी सामने आती है। रायपुर में हाल ही में ऐसा मामला सामने आया, जिसमें मोवा निवासी एक कारोबारी के घर काम करने वाला रसोइया कथित तौर पर 70 लाख रुपये लेकर फरार हो गया।कारोबारी ने बिहार निवासी महेंद्र कुमार यादव को घर में रसोइए के तौर पर रखा था। 26 जुलाई को परिवार के बाहर जाने के दौरान वह अपने एक साथी के साथ घर में रखी रकम लेकर फरार हो गया। शिकायत के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।इस घटना के बाद पुलिस ने फिर जोर दिया कि किसी व्यक्ति को घरेलू काम पर रखने से पहले उसकी पहचान, पता और अन्य जरूरी जानकारी लेना बेहद महत्वपूर्ण है।
साल 2022 में रायपुर में घरेलू कर्मचारी के सत्यापन से जुड़ा एक और गंभीर मामला सामने आया था। बिहार में कारोबारी की हत्या के मामले में आरोपित व्यक्ति कथित तौर पर अपनी पहचान छिपाकर रायपुर में एक अधिकारी के घर बावर्ची के रूप में काम कर रहा था।तकनीकी जांच के दौरान बिहार पुलिस को उसके रायपुर में होने की जानकारी मिली। इसके बाद रायपुर पुलिस की मदद से उसकी पहचान की पुष्टि हुई और उसे गिरफ्तार किया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अधिकारी की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई थी।
पुलिस का मानना है कि डिजिटल सत्यापन व्यवस्था से किराएदारों और घरेलू कर्मचारियों से जुड़ी जानकारी पहले से पुलिस रिकॉर्ड में उपलब्ध रहेगी। किसी आपराधिक घटना की स्थिति में संबंधित व्यक्ति की पहचान और पृष्ठभूमि की जांच करने में इससे मदद मिल सकती है।इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल रिकॉर्ड तैयार करना नहीं, बल्कि अपराध की स्थिति में जांच की प्रक्रिया को भी तेज करना है। खासकर ऐसे मामलों में जहां किसी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान या उसके पुराने पते की जानकारी तुरंत हासिल करना जरूरी हो।
समाधान एप के जरिए पुलिस किराएदारों और घरेलू कर्मचारियों से संबंधित जानकारी को डिजिटल माध्यम से व्यवस्थित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इससे एक ओर आम लोगों के लिए सत्यापन की प्रक्रिया आसान होगी, वहीं दूसरी ओर पुलिस के पास संभावित रूप से महत्वपूर्ण जानकारी पहले से उपलब्ध रहेगी।ऐसे में किराएदार या घरेलू कर्मचारी रखने वाले मकान मालिकों के लिए ऑनलाइन सत्यापन सुविधा सुरक्षा की दृष्टि से उपयोगी कदम साबित हो सकती है।