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Online betting network dismantled, 72-hour operation exposes multi-crore racket, police action causes panic
रायपुर। ऑनलाइन सट्टा का नेटवर्क अब गली-गली तक फैलने का बड़ा खुलासा हुआ है। आईपीएल सीजन के दौरान सक्रिय इस संगठित रैकेट में युवाओं को 20 से 25 हजार रुपये मासिक वेतन पर रखकर सट्टा आईडी ऑपरेट कराई जा रही थी। रायपुर कमिश्नरेट पुलिस की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ने 72 घंटे तक चले विशेष अभियान में इस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।इस कार्रवाई में दुबई, कोलकाता, गुरुग्राम, श्रीनगर और गोवा से जुड़े पांच बड़े सट्टा पैनल तोड़ दिए गए हैं और 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
उच्च स्तर से निगरानी, पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच जारी
यह पूरी कार्रवाई पुलिस कमिश्नर संजीव कुमार शुक्ला और अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अमित कुमार कांबले के निर्देश पर की गई। डीसीपी क्राइम और साइबर की निगरानी में एसीसीयू टीम ने यह ऑपरेशन अंजाम दिया।अब पुलिस पूरे नेटवर्क के बैंक खातों, लेनदेन और डिजिटल ट्रांजेक्शन की गहन जांच कर रही है।
कोलकाता से गुरुग्राम तक फैला था सट्टा कारोबार का जाल
जांच में सामने आया कि यह पूरा नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था। तेलीबांधा, न्यू राजेंद्र नगर, तिल्दा नेवरा और अन्य क्षेत्रों में सक्रिय गिरोह के तार कोलकाता, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गोंदिया, बिहार और जम्मू कश्मीर तक जुड़े हुए थे।पूछताछ में पता चला कि कई पैनलों का संचालन कोलकाता से किया जा रहा था, जबकि अलग अलग शहरों में एजेंट नेटवर्क सक्रिय था।
गिरफ्तार आरोपियों की बड़ी सूची, कई राज्यों में फैला नेटवर्क
पुलिस ने अलग अलग राज्यों से कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें बालोद, फरीदाबाद, बिलासपुर, गोंदिया, रायपुर और बिहार से जुड़े लोग शामिल हैं।जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह फर्जी बैंक खातों और पेमेंट गेटवे के जरिए करोड़ों रुपये का अवैध लेनदेन कर रहा था।
मास्टरमाइंड की पहचान, पार्टनरशिप में चल रहा था पूरा खेल
जांच के दौरान पुलिस ने खुलासा किया कि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड रायगढ़ के खरसिया का रहने वाला अमन नत्थानी था।वह पहले से गिरफ्तार आरोपियों के साथ मिलकर अलग अलग पैनल संचालित कर रहा था और नेटवर्क को लगातार विस्तार दे रहा था।
तिल्दा नेवरा में ‘नसीब बुक’ नाम से चलता था पैनल
तिल्दा नेवरा क्षेत्र में ‘नसीब बुक’ नाम से सट्टा पैनल चलाने का मामला सामने आया है। यहां से राहुल फतनानी, गौतम पंजवानी और किशन उर्फ सोनू हिंदुजा को गिरफ्तार किया गया।पूछताछ में पता चला कि पूरा संचालन सोनू फतनानी के हाथ में था, जबकि कैश कलेक्शन का जिम्मा उसका भाई राहुल संभालता था।पुलिस ने मौके से करीब 9 लाख 92 हजार रुपये नकद और मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
गुरुग्राम फ्लैट से चलता था पूरा खेल, कई राज्यों से कनेक्शन
न्यू राजेंद्र नगर क्षेत्र में हुई गिरफ्तारी के बाद जांच हरियाणा के गुरुग्राम तक पहुंची। वहां फ्लैट में दबिश देकर कई आरोपियों को पकड़ा गया।यहां से मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और नकदी समेत कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई।
श्रीनगर और गोवा तक फैला नेटवर्क, एजेंट सिस्टम से चलता था रैकेट
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ आरोपी श्रीनगर में रहकर गोवा में बैठे अपने नेटवर्क के जरिए सट्टा संचालन कर रहे थे।यह गिरोह आईडी वितरण, लोकल कलेक्शन और पैसों के ट्रांसफर के लिए अलग अलग एजेंट नियुक्त करता था।
संपत्तियों और बैंक खातों की जांच तेज, बड़े खुलासों की उम्मीद
पुलिस अब आरोपियों की संपत्ति, बैंक खातों और आर्थिक लेनदेन की जांच कर रही है। कई आरोपियों के महंगे घर और संदिग्ध निवेश भी जांच के दायरे में हैं।पुलिस का मानना है कि यह कार्रवाई ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क की जड़ें कमजोर करने की दिशा में बड़ी सफलता है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।