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Chhattisgarh: Organized newborn selling gang exposed in Rajnandgaon, minor raped and then illegally delivered, 10 accused arrested
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में नाबालिग से दुष्कर्म के बाद अवैध प्रसव कर नवजात को बेचने वाले संगठित अपराध का पुलिस ने 75 दिन बाद सनसनीखेज खुलासा किया है। मामले में दो डॉक्टरों समेत अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपी फरार है।
डॉक्टर गिरफ्तार, अस्पताल की भूमिका संदिग्ध
पुलिस ने डा. दीपक पंसारी (31) और डा. आरती उइके (45) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच में इनके अस्पताल और डायग्नोस्टिक सेंटर की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
11 आरोपियों की पहचान, एक फरार
प्रारंभिक जांच में कुल 11 आरोपियों की पहचान हुई है, जिनमें से 10 को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्य आरोपी डा. विजयराज नागवंशी अब भी फरार है, जिस पर 5000 रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
नाबालिग से दुष्कर्म के बाद अवैध प्रसव
मामला बोरतलाब थाना क्षेत्र का है, जहां सितंबर-अक्टूबर 2025 में एक किशोरी के साथ दुष्कर्म के बाद उसका अवैध प्रसव कराया गया। इसके बाद नवजात को बेचने की साजिश रची गई।
75 दिन बाद खुला राज
जनवरी में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने छापेमारी कर जांच शुरू की थी। करीब 75 दिन की जांच के बाद इस पूरे संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।
गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ POCSO Act के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था।
स्वास्थ्य विभाग की भी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है, हालांकि अब तक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि फरार मुख्य आरोपी की तलाश जारी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।