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PM Modi to shift to new Prime Minister's Office 'Seva Teerth' today, last cabinet meeting in South Block
नई दिल्ली। नई दिल्ली में केंद्र सरकार के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को नए प्रधानमंत्री कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री दोपहर करीब 1:30 बजे सेवा तीर्थ बिल्डिंग कॉम्पलेक्स के नाम का अनावरण करेंगे और शाम करीब 6 बजे सेवा तीर्थ के साथ कर्तव्य भवन-1 और 2 का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वे एक सार्वजनिक कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे।
ब्रिटिशकालीन सचिवालय में आखिरी कैबिनेट बैठक
सेवा तीर्थ में स्थानांतरण से पहले प्रधानमंत्री साउथ ब्लॉक में केंद्रीय कैबिनेट की विशेष बैठक करेंगे। यह बैठक शाम 4 बजे प्रस्तावित है और इसे ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि यह ब्रिटिशकालीन सचिवालय भवन में अंतिम कैबिनेट बैठक होगी। करीब 78 वर्षों से देश की सत्ता का केंद्र रहे नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक में अब सरकार का नियमित कामकाज समाप्त हो जाएगा।
₹1189 करोड़ की लागत से तैयार हुआ सेवा तीर्थ
नई दिल्ली के दारा शिकोह रोड स्थित एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव में बने सेवा तीर्थ का निर्माण लगभग 2.26 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में किया गया है। इस परियोजना का निर्माण लार्सन एंड टुब्रो ने करीब 1189 करोड़ रुपये की लागत से किया है।
इस कॉम्पलेक्स में तीन इमारतें बनाई गई हैं। सेवा तीर्थ-1 में प्रधानमंत्री कार्यालय, सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय और सेवा तीर्थ-3 में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय तथा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का कार्यालय स्थापित किया गया है।
प्रधानमंत्री का नया आवास भी तैयार हो रहा
सेवा तीर्थ के पास ही प्रधानमंत्री का नया आधिकारिक आवास भी तैयार किया जा रहा है। इसके पूर्ण होने के बाद प्रधानमंत्री वर्तमान निवास 7 लोक कल्याण मार्ग से नए आवास में शिफ्ट होंगे, हालांकि इसकी तिथि अभी तय नहीं हुई है।
कर्तव्य भवन में शिफ्ट होंगे कई मंत्रालय
कर्तव्य भवन-1 और 2 में वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शिक्षा, संस्कृति, विधि एवं न्याय, सूचना एवं प्रसारण, कृषि एवं किसान कल्याण, रसायन एवं उर्वरक और जनजातीय कार्य सहित कई प्रमुख मंत्रालयों के कार्यालय स्थापित किए जा रहे हैं।
इसके पहले गृह मंत्रालय नॉर्थ ब्लॉक से हटकर कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट भवन में स्थानांतरित हो चुका है।
सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा
सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन का निर्माण सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत किया गया है। इसी परियोजना के अंतर्गत नया संसद भवन और कर्तव्य पथ का निर्माण भी किया गया है। राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक के पूरे क्षेत्र का पुनर्विकास इस योजना में शामिल है।
आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल सुविधाएं
कर्तव्य भवन-1 और 2 को डिजिटल तकनीकों से लैस किया गया है। इनमें पब्लिक इंटरैक्शन एरिया, केंद्रीकृत रिसेप्शन, स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल, सर्विलांस नेटवर्क और एडवांस आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
भवनों को 4-स्टार GRIHA मानकों के अनुसार डिजाइन किया गया है, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण और कचरा प्रबंधन प्रणाली जैसी पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों का उपयोग किया गया है।
नॉर्थ और साउथ ब्लॉक बनेंगे राष्ट्रीय संग्रहालय
सरकार की योजना है कि ऐतिहासिक नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को ‘युगे-युगेन भारत नेशनल म्यूजियम’ में बदला जाएगा। प्रस्तावित संग्रहालय में 25 से 30 हजार ऐतिहासिक कलाकृतियों का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसे विश्वस्तरीय संग्रहालय के रूप में विकसित करने की योजना है।
सरकार का दावा- बेहतर तालमेल और आधुनिक कार्य प्रणाली
सरकार के अनुसार, अलग-अलग पुराने भवनों में मंत्रालयों के संचालन से समन्वय, रखरखाव और कार्यप्रणाली में कई समस्याएं आती थीं। नए प्रशासनिक कॉम्पलेक्स के जरिए मंत्रालयों को एक ही परिसर में आधुनिक सुविधाओं के साथ संचालित कर कार्यकुशलता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।