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Padma Shri 2026: Salute to the filmmakers who changed the course of Indian cinema
नई दिल्ली। पद्म श्री 2026 के अवसर पर भारतीय सिनेमा उन महान फिल्म निर्माताओं को याद कर रहा है, जिन्होंने अपनी दूरदर्शी सोच, रचनात्मकता और दमदार कहानी कहने की कला से फिल्म जगत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। सामाजिक सरोकारों से लेकर भव्य विजुअल अनुभवों तक, इन फिल्मकारों ने भारतीय फिल्मों को केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रहने दिया, बल्कि उन्हें संस्कृति और भावनाओं की मजबूत अभिव्यक्ति बना दिया।
दशकों से भारतीय दर्शकों की सोच और पसंद को आकार देने वाले इन दिग्गजों का योगदान आज भी फिल्म इंडस्ट्री के लिए प्रेरणा बना हुआ है।
महबूब खान: सामाजिक सिनेमा के महान शिल्पकार
महबूब खान को भारतीय सिनेमा के शुरुआती दौर के सबसे प्रभावशाली फिल्मकारों में गिना जाता है। उन्हें 1960 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। उनकी फिल्म मदर इंडिया भारतीय फिल्म इतिहास की सबसे प्रतिष्ठित फिल्मों में शामिल है।
उन्होंने अपने सिनेमा के जरिए ग्रामीण भारत, संघर्ष, त्याग और सामाजिक असमानताओं जैसे विषयों को बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उनका काम भारतीय सामाजिक सिनेमा की मजबूत नींव माना जाता है।
राज कपूर: हिंदी सिनेमा के ‘शोमैन’
राज कपूर को 1971 में पद्म श्री सम्मान मिला। रोमांस, सामाजिक यथार्थ और भावनात्मक कहानी कहने के अद्भुत मेल ने उन्हें भारतीय सिनेमा का “शोमैन” बना दिया।
आवारा और श्री 420 जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने आम आदमी की भावनाओं और संघर्षों को बड़े पर्दे पर जीवंत किया। उनकी सिनेमाई शैली आज भी नई पीढ़ी के फिल्मकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
संजय लीला भंसाली: भव्यता और भावनाओं के मास्टर
संजय लीला भंसाली को 2015 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया। अपनी भव्य विजुअल शैली और गहरी भावनात्मक कहानी कहने के लिए मशहूर भंसाली ने भारतीय सिनेमा को एक अलग सौंदर्य दिया।
देवदास, बाजीराव मस्तानी और पद्मावत जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने संगीत, कला और भावनाओं का ऐसा संगम प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों को एक भव्य सिनेमाई अनुभव दिया।
एस.एस. राजामौली: भारतीय सिनेमा को वैश्विक मंच तक पहुंचाने वाले निर्देशक
एस.एस. राजामौली को 2016 में पद्म श्री सम्मान से नवाजा गया। उन्होंने भारतीय सिनेमा के पैमाने और तकनीकी उत्कृष्टता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई।
बाहुबली और आरआरआर जैसी फिल्मों ने भारतीय फिल्मों की वैश्विक पहुंच को कई गुना बढ़ा दिया। उनकी फिल्मों को विशाल विजन, दमदार भावनात्मक प्रस्तुति और शानदार तकनीकी निर्माण के लिए दुनियाभर में सराहा गया।
एकता कपूर: भारतीय मनोरंजन जगत की परिवर्तनकारी शक्ति
एकता कपूर को 2020 में पद्म श्री सम्मान दिया गया। उन्होंने टेलीविजन, फिल्मों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए भारतीय मनोरंजन जगत को नई दिशा दी।
एकता कपूर ने आम दर्शकों की भावनाओं से जुड़ी कहानियों को बड़े पैमाने पर लोकप्रिय बनाया। उनके काम ने भारतीय पॉप कल्चर और डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री को मजबूत पहचान दिलाई।