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Path cleared for construction on plots lying vacant for years in Naya Raipur... OTS scheme brings major relief to allottees.
रायपुर। नवा रायपुर में वर्षों से खाली पड़े आवासीय और व्यावसायिक प्लाटों पर निर्माण को गति देने के लिए राज्य सरकार एकमुश्त समाधान योजना यानी ओटीएस लागू करने की तैयारी में है। इस योजना के तहत उन आवंटियों को राहत मिलेगी, जिन्होंने रियायती दर पर प्लाट तो खरीदे, लेकिन तय समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य शुरू नहीं कर सके।
जानकारी के अनुसार 180 से अधिक आवंटी ऐसे हैं, जिन्होंने प्लाट लेने के बाद भी करीब 10 से 12 वर्षों तक निर्माण कार्य शुरू नहीं किया। नियमों के अनुसार तीन वर्ष के भीतर मकान, दुकान या अन्य व्यावसायिक परियोजना तैयार करना अनिवार्य था। देरी के कारण इन पर प्रीमियम, ब्याज और अधिभार का बड़ा बोझ बढ़ गया, जिससे करोड़ों रुपये की सरकारी वसूली भी अटकी हुई है।
सरकार की प्रस्तावित ओटीएस योजना के तहत बकाया ब्याज और अधिभार में राहत देने की तैयारी है। प्रारंभिक संकेतों के अनुसार पात्र आवंटियों को 30 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक की छूट मिल सकती है। इससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम होगा और लोग निर्माण कार्य शुरू करने की स्थिति में आ सकेंगे।
इस योजना से एक ओर सरकार लंबे समय से लंबित राजस्व की वसूली कर सकेगी, वहीं दूसरी ओर खाली पड़े प्लाटों पर निर्माण शुरू होने से नवा रायपुर में आबादी, निवेश और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। अधूरे प्रोजेक्ट पूरे होने से बाजार, स्कूल, अस्पताल और अन्य जरूरी सुविधाओं का भी तेजी से विस्तार होने की संभावना है।
कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद एनआरडीए योजना की अंतिम रूपरेखा तैयार कर रहा है। प्रत्येक आवंटी के मामले की अलग से जांच होगी। इसमें यह देखा जाएगा कि प्लाट किस उद्देश्य से लिया गया था, कितनी राशि बकाया है, निर्माण में देरी क्यों हुई और परिस्थितियों के आधार पर कितनी छूट दी जा सकती है। इसी मूल्यांकन के बाद ब्याज और अधिभार में मिलने वाली राहत का अंतिम निर्णय लिया जाएगा।