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Permission granted to rape survivor for abortion
दुर्ग: जिला न्यायालय ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के मामले में एक महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) भूपेश कुमार बसंत की अदालत ने 19 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता को गर्भपात (MTP) कराने की अनुमति दे दी है।
पद्मनाभपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 69 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पीड़िता को शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए थे, जिसके बाद युवती गर्भवती हो गई थी।
कोर्ट ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि गर्भपात प्रक्रिया के दौरान भ्रूण को सुरक्षित रखा जाए, ताकि उसका डीएनए (DNA) टेस्ट कराया जा सके। अदालत ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी (MTP) एक्ट 1971 के प्रावधानों के अनुरूप होनी चाहिए, ताकि पीड़िता के स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
पीड़िता ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में गर्भपात के लिए आवेदन किया था। बुधवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केस डायरी, जिला अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट और दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद यह फैसला सुनाया।