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Police crack down heavily on human trafficking network in Mahasamund; raids conducted at 10 locations... ₹1.40 crore and digital evidence seized.
महासमुंद। मानव तस्करी और श्रमिकों के अवैध परिवहन से जुड़े कथित संगठित नेटवर्क के खिलाफ महासमुंद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ और ओडिशा में करीब 10 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। कार्रवाई के दौरान करीब 1.40 करोड़ रुपये की नकदी, आभूषण, दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस की कार्रवाई में बाम्हनडीह निवासी जगत कुमार गुप्ता उर्फ अजगर का घर, खरियार रोड निवासी लता संवर और ओडिशा के बेल्टुकरी निवासी मुकेश चंद्राकर के ठिकाने भी शामिल बताए गए है। जगत गुप्ता को इलाके में 'भट्ठा सरदार' के नाम से जाना जाता है। दूसरे राज्यों के ईंट भट्ठों में श्रमिकों को भेजने के मामलों में उसका नाम पहले भी सामने आने की बात पुलिस ने कही है।तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में कागजी रिकॉर्ड और डिजिटल सामग्री मिली है। इन दस्तावेजों में श्रमिकों के दूसरे राज्यों में कथित अवैध परिवहन और बंधुआ मजदूरी से जुड़े रिकॉर्ड होने की बात कही गई है।
पुलिस की शुरुआती जांच में कथित तौर पर ऐसे साक्ष्य मिले है, जिनसे प्रलोभन देकर लोगों को दूसरे राज्यों में ले जाने और श्रमिकों के अवैध परिवहन का संदेह सामने आया है। पुलिस के अनुसार, नाबालिगों को काम के लिए उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में भेजे जाने के मामलों की भी जांच की जा रही है।इसके अलावा बाल मजदूरी और नाबालिग बालिकाओं के कथित दैहिक शोषण से जुड़े साक्ष्य मिलने की जानकारी भी पुलिस ने दी है। अधिकारियों का कहना है कि जब्त दस्तावेजों और डिजिटल प्रमाणों की जांच के बाद नेटवर्क की पूरी कार्यप्रणाली स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में यह नेटवर्क छत्तीसगढ़ से आगे ओडिशा तक फैला होने के संकेत मिले है। कार्रवाई में ओडिशा से जुड़े दो संदिग्ध लोगों के ठिकानों को भी शामिल किया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि श्रमिकों को किन माध्यमों से दूसरे राज्यों तक पहुंचाया जाता था और इस पूरी प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे।
जगत कुमार गुप्ता का नाम पिछले वर्ष पटेवा थाना क्षेत्र में श्रमिक शत्रुघन खड़िया की आत्महत्या के मामले में भी सामने आया था। पुलिस ने उस समय भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था।पुलिस के मुताबिक, मृतक ने आरोप लगाया था कि उस पर ईंट भट्ठे में काम करने और दूसरे राज्य जाने के लिए दबाव बनाया गया था। साथ ही धमकी दिए जाने की बात भी सामने आई थी।
महासमुंद पुलिस की अलग-अलग टीमें अभी संबंधित ठिकानों पर तलाशी और पूछताछ कर रही है। पुलिस जगत गुप्ता, लता संवर और मुकेश चंद्राकर समेत नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के संपर्कों और श्रमिकों के कथित परिवहन से जुड़े मामलों की पड़ताल कर रही है।एएसपी सुशील नायक के अनुसार, कार्रवाई अभी जारी है। तलाशी और जांच पूरी होने के बाद शुक्रवार को एसपी कार्यालय में पूरे मामले की विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।