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Police team attacked in Surajpur; over 15 personnel, including a DSP, injured; clash erupts over coal mine dispute.
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में कोयला खदान के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर बड़ा बवाल हो गया। प्रतापपुर क्षेत्र के मदननगर-धरमपुर गांव में ग्रामीणों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प में डीएसपी समेत 15 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मदननगर-धरमपुर गांव पहुंची थी। यह गांव लंबे समय से एसईसीएल द्वारा प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण और कोयला खदान परियोजना का विरोध कर रहा है। पुलिस के पहुंचते ही ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा और उन्होंने पुलिस बल पर हमला कर दिया।
हिंसक झड़प के दौरान पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की गई। हालात बिगड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज भी किया गया। घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। मौके पर करीब 500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। जिले में पुलिस बल की कमी को देखते हुए आसपास के पांच जिलों से अतिरिक्त जवान बुलाए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए। उनकी तलाश में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि हमले में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं देंगे। उनका आरोप है कि भूमि अधिग्रहण को लेकर उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज किया जा रहा है। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरने पर बैठ गए हैं। उनके हाथों में लाठी-डंडे हैं और वे अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
ग्रामीण पिछले कई घंटों से धरना देकर सरपंच के पुत्र की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। वहीं, पुलिस और प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है और क्षेत्र में तनाव को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।