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Police tighten the screws on Amit Jogi in the objectionable video case; notice pasted at his residence.
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने के मामले में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। भाजपा की शिकायत पर सिविल लाइंस थाने में सोमवार को उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद मंगलवार को पुलिस उनके निवास पर पहुंची, लेकिन जोगी वहां नहीं मिले। पुलिस ने उनके घर के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया।हालांकि, जनता कांग्रेस ने अमित जोगी के फरार होने की खबरों को गलत बताया है। पार्टी के अनुसार, वे 2 से 8 नवंबर तक पहले से तय निजी कार्यक्रम के सिलसिले में गुजरात के सूरत में हैं। वे 9 नवंबर को रायपुर लौटकर खुद थाने पहुंचेंगे और पुलिस जांच में पूरा सहयोग करेंगे।
पार्टी ने पुलिस को सौंपा ई-मेल से भेजा जवाब
पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री निलेश चौहान ने थाना प्रभारी से मुलाकात की और अमित जोगी की ओर से ई-मेल के माध्यम से भेजा गया जवाब सौंपा। उन्होंने पुलिस को बताया कि जोगी तय कार्यक्रम के कारण शहर से बाहर हैं और 9 नवंबर को वापस आने के बाद जांच में शामिल होंगे।
वीडियो हटाकर अमित जोगी ने मांगी थी माफी
आरोप है कि अमित जोगी ने कथित वोट चोरी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाना बनाते हुए एक आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था। भाजपा विधायक राजेश मूणत ने इस मामले में शिकायत करते हुए वीडियो तैयार करने, उसकी पटकथा लिखने और उसमें भूमिका निभाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। विवाद बढ़ने के बाद अमित जोगी ने संबंधित वीडियो हटा दिया था और माफी भी मांगी थी।
राज्य विधिज्ञ परिषद ने भी मांगा स्पष्टीकरण
इस मामले में छत्तीसगढ़ राज्य विधिज्ञ परिषद ने भी अधिवक्ता अमित ऐश्वर्य जोगी को पत्र जारी किया है। यह कार्रवाई बृजेशनाथ पाण्डेय की शिकायत के आधार पर की गई है। परिषद ने पत्र मिलने के सात दिन के भीतर जवाब देने और अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है।