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Political battle intensifies ahead of Bengal elections; Himanta Sarma and Mamata Banerjee exchange accusations
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान (23 अप्रैल) से पहले राज्य में राजनीतिक माहौल बेहद गरम हो गया है। प्रमुख दलों के बीच तीखी बयानबाजी जारी है और चुनाव प्रचार अपने चरम पर पहुंच गया है।
हिमंत सरमा का ममता सरकार पर हमला
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कूच बिहार में चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को लेकर राज्य सरकार गंभीर नहीं है। सरमा ने कहा कि वे असम में ऐसे लोगों के खिलाफ सख्ती करते हैं, जबकि बंगाल में उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि हर जनगणना में मुस्लिम आबादी में 4-5% की वृद्धि हो रही है और लोगों से अपील की कि वे “देश को बचाने” के लिए मतदान करें। सरमा ने भाजपा सरकार बनाने की भी अपील की।
ममता बनर्जी का पलटवार
वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बलों की मदद से बाहरी लोगों को बंगाल लाकर मतदाता सूची में हेरफेर करने की साजिश रची जा रही है।
ममता ने आरोप लगाया कि असम में लागू की गई नीतियों का दुरुपयोग कर बंगाल की जनसांख्यिकी बदलने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जनता ही मतपेटी के जरिए इसका जवाब देगी।
चुनावी माहौल में तीखी बयानबाजी
चुनावी रैलियों के दौरान दोनों पक्षों की ओर से लगातार तीखे बयान सामने आ रहे हैं। सरमा ने ममता बनर्जी की कार्यशैली और भाषणों पर भी सवाल उठाए, जबकि टीएमसी की ओर से भाजपा पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
पहले चरण पर सबकी नजर
23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान को लेकर सभी दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। चुनावी नतीजों से पहले यह बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप आने वाले दिनों में और तेज होने के आसार हैं।