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Political battle intensifies in Bengal: Modi attacks corruption, Mamata makes a serious allegation against outsiders
कोलकाता। कोलकाता और दिल्ली के बीच सियासी बयानबाजी ने नया मोड़ ले लिया है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच तीखा टकराव खुलकर सामने आया है। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए चुनावी बहस को और आक्रामक बना दिया है।
प्रधानमंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद के दौरान राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बंगाल में भ्रष्टाचार व्यवस्था का हिस्सा बन चुका है। उन्होंने कट मनी और सिंडिकेट जैसे आरोपों के जरिए तृणमूल कांग्रेस को घेरा और दावा किया कि इससे युवाओं के रोजगार और किसानों की स्थिति पर बुरा असर पड़ा है। साथ ही उन्होंने कानून व्यवस्था और बढ़ती हिंसा पर भी चिंता जताई।
ममता का पलटवार: चुनाव आयोग और केंद्र पर निशाना
दूसरी ओर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रैलियों के मंच से केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में इस्तेमाल किए जा रहे तकनीकी शब्दों पर सवाल उठाते हुए इसे पक्षपातपूर्ण बताया। ममता ने महिलाओं से अपील की कि वे मतदान के दौरान किसी भी दबाव के सामने झुकें नहीं।
उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि वे विरोधियों को ठंडा रखने के लिए अलग अंदाज अपनाएंगी। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी लोगों को राज्य में लाकर चुनाव प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
चुनाव से पहले कार्रवाई और सियासी आरोप
आई पैक से जुड़े विनेश चंदेल की गिरफ्तारी को लेकर भी राजनीति गरमा गई है। ममता ने इसे चुनावी दबाव की रणनीति बताया, जबकि जांच एजेंसियां इसे वित्तीय अनियमितताओं से जोड़ रही हैं। यह मामला कथित कोयला घोटाले की जांच से भी जुड़ा बताया जा रहा है।
राहुल और शाह की एंट्री से मुकाबला और तेज
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी चुनावी मैदान में उतरते हुए भाजपा और संघ पर संविधान विरोधी सोच का आरोप लगाया। उन्होंने तृणमूल सरकार को बेरोजगारी के लिए जिम्मेदार ठहराया और कांग्रेस को विकल्प के रूप में पेश किया।
वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि अगर भाजपा सत्ता में आती है तो दार्जिलिंग क्षेत्र के मुद्दों का समाधान संवैधानिक तरीके से किया जाएगा। उन्होंने राज्य के विभाजन की अटकलों को खारिज करते हुए मतदाताओं से निर्भय होकर मतदान करने की अपील की।
तमिलनाडु में वादों की बौछार: महिलाओं और किसानों पर फोकस
इधर तमिलनाडु में भाजपा ने अपने चुनावी घोषणापत्र में कई बड़े वादे किए हैं। पार्टी ने हर परिवार की महिला मुखिया को मासिक आर्थिक सहायता देने, एकमुश्त राशि प्रदान करने और साल में तीन मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने की घोषणा की है।
इसके अलावा महिलाओं के लिए ई स्कूटर पर सब्सिडी और किसानों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने की योजना भी पेश की गई है। पारंपरिक त्योहारों और धार्मिक आयोजनों को बढ़ावा देने के वादे भी घोषणापत्र का हिस्सा हैं।
विजय की रैली में अफरा तफरी: भीड़ और गर्मी बनी वजह
तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने विजय की रैली अव्यवस्था का शिकार हो गई। भारी भीड़ और तेज गर्मी के कारण कई लोग बेहोश हो गए, जिसके बाद कार्यक्रम को बीच में ही रोकना पड़ा। पुलिस की सलाह पर प्रस्तावित रोड शो भी रद्द कर दिया गया।
कुल मिलाकर: कई राज्यों में सियासी पारा हाई, मुकाबला बेहद कड़ा
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु सहित कई राज्यों में चुनावी माहौल तेजी से गरमाता जा रहा है। आरोप प्रत्यारोप, वादे और रणनीतियां इस बार के चुनाव को बेहद दिलचस्प और निर्णायक बना रहे हैं।