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Political row over Indore's 'Chhatron Ki Goonj' event... BJP and Congress lock horns over PM Modi mimicry.
नई दिल्ली। इंदौर में 19 सितंबर को आयोजित राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कार्यक्रम के दौरान स्टैंडअप कॉमेडियन पुलकित मणि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आवाज, बोलने के अंदाज और सार्वजनिक कार्यक्रमों से जुड़े कुछ प्रसंगों की मिमिक्री की थी। इस दौरान राहुल गांधी मंच पर मौजूद थे। घटना का वीडियो सामने आने के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधा।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस पर तीखी टिप्पणी की और पार्टी को 'जोकरों की पार्टी' बताया। उन्होंने कांग्रेस के लंबे राजनीतिक इतिहास का उल्लेख करते हुए पार्टी पर राजनीतिक संवाद का स्तर गिराने का आरोप लगाया।केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा। भाजपा की ओर से यह तर्क दिया गया कि प्रधानमंत्री की मां से जुड़े संदर्भ को राजनीतिक या हास्य कार्यक्रम का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए। कई भाजपा नेताओं ने इसे राजनीतिक मर्यादा से जोड़ते हुए राहुल गांधी की आलोचना की है।भाजपा महासचिव स्मृति ईरानी ने भी सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए कहा, 'जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है।'
भाजपा के आरोपों पर कांग्रेस की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई। कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने कहा कि हर व्यक्ति की मां सम्मान की हकदार है। उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि राहुल गांधी और अन्य नेताओं की माताओं को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के समय पार्टी की प्रतिक्रिया क्यों नहीं दिखाई देती।बघेल ने आरोप लगाया कि माताओं के अपमान की राजनीतिक संस्कृति भाजपा, आरएसएस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुरू की गई है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी भाजपा की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी छात्रों से जुड़े कार्यक्रम को लेकर परेशान है।
'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में छात्रों ने शिक्षा, रोजगार, भर्ती परीक्षाओं और विश्वविद्यालयों से जुड़े मुद्दे उठाए थे। इसी कार्यक्रम के दौरान पुलकित मणि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री की। रिपोर्टों के अनुसार, एक्ट में प्रधानमंत्री के बोलने के अंदाज और उनके चर्चित सार्वजनिक प्रसंगों की नकल की गई थी।कार्यक्रम का यह हिस्सा सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया। भाजपा नेताओं ने जहां इसे प्रधानमंत्री और उनकी मां के अपमान से जोड़कर देखा, वहीं कांग्रेस की ओर से कार्यक्रम में छात्रों के मुद्दों पर हुई चर्चा को प्रमुखता दी गई।
विवाद केवल मिमिक्री तक सीमित नहीं रहा। कार्यक्रम में छात्रों के तौर पर मंच पर पहुंचे कुछ प्रतिभागियों की राजनीतिक पृष्ठभूमि को लेकर भी सवाल उठे हैं।मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रजत गंगारेकर एनएसयूआई से जुड़े रहे हैं और उन्होंने विश्वविद्यालय की सुविधाओं से संबंधित मुद्दा उठाया था। राधा मालवीय के बारे में रिपोर्ट में उन्हें युवा कांग्रेस की पदाधिकारी और पीएचडी छात्रा बताया गया है। वहीं, भर्ती परीक्षाओं से जुड़ा मुद्दा उठाने वाले रंजीत किसानवंशी के छात्र आंदोलनों से जुड़े रहने और कांग्रेस नेताओं के साथ उनकी तस्वीरों का भी उल्लेख किया गया है।हालांकि, कार्यक्रम में शामिल प्रियांशी के बारे में इसी रिपोर्ट में कहा गया है कि उनके किसी राजनीतिक संगठन से जुड़े होने का प्रमाण सामने नहीं आया है। उन्होंने दिल्ली के एक पीजी हादसे में अपने भाई की मौत और परिवार को न्याय नहीं मिलने का मुद्दा उठाया था।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम को लेकर राहुल गांधी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को पहले तथ्यात्मक और वास्तविक जानकारी जुटानी चाहिए तथा एनएसयूआई से जुड़े लोगों के बजाय वास्तविक छात्रों से बातचीत करनी चाहिए।इस तरह इंदौर का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम छात्रों से जुड़े मुद्दों के साथ साथ प्रधानमंत्री की मिमिक्री और प्रतिभागियों की राजनीतिक पृष्ठभूमि को लेकर भी राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।