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Political turmoil erupts in West Bengal over voter list revision; Mamata Banerjee to hold protest on March 6 against deletion of 6.3 million names
कोलकाता। West Bengal में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने लाखों मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाते हुए विरोध का ऐलान किया है।
6 मार्च को मेट्रो चैनल पर धरना
टीएमसी सांसद Abhishek Banerjee ने घोषणा की कि मुख्यमंत्री Mamata Banerjee 6 मार्च को दोपहर 2 बजे कोलकाता के मेट्रो चैनल पर धरना देंगी। उन्होंने कहा कि 63.66 लाख नाम हटाए जाने के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
‘टारगेटेड’ प्रक्रिया का आरोप
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि एसआईआर एक टारगेटेड प्रक्रिया थी और इसके शुरू होने से पहले ही 1 से 1.25 करोड़ नाम हटाने का लक्ष्य तय कर लिया गया था। उन्होंने दावा किया कि 63.66 लाख नाम हटाने के अलावा 60.06 लाख मतदाताओं को ‘विवादाधीन’ (अंडर एडजुडिकेशन) श्रेणी में रखा गया है। टीएमसी का आरोप है कि महिलाओं, अल्पसंख्यकों और अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय के नाम चुनिंदा तरीके से हटाए गए हैं।
‘जिंदा लोगों को मृत दिखाया गया’
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि 243 लोगों ने उनसे संपर्क कर बताया कि वे जीवित हैं, लेकिन मतदाता सूची में उन्हें मृत दर्शाया गया है। इसे उन्होंने प्रशासनिक लापरवाही और साजिश करार दिया।
मतदाताओं की संख्या में कमी
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, एसआईआर के बाद राज्य में मतदाताओं की संख्या 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ रह गई है। इस मुद्दे को लेकर राज्य में सियासी तापमान बढ़ गया है। जहां टीएमसी इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बता रही है, वहीं विपक्ष और निर्वाचन आयोग की ओर से अभी तक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।